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Google Maps को दिया चकमा, शख्स ने अपने नाम पर कर दिया सड़क का नामकरण; जानें पूरा मामला

Google Maps की यूजर-एडिटिंग व्यवस्था का फायदा उठाकर एक शख्स ने कथित तौर पर एक सड़क का नाम अपने नाम पर दर्ज करवा दिया.

Pinterest (Representative image)
Km Jaya

Google Maps का इस्तेमाल आज दुनियाभर में रास्ता खोजने और किसी जगह की लोकेशन पता करने के लिए किया जाता है. लेकिन मैप पर दिखाई देने वाली हर जानकारी सरकारी रिकॉर्ड का हिस्सा हो, यह जरूरी नहीं है. हाल ही में एक ऐसा मामला सामने आया, जिसमें एक शख्स ने Google Maps की यूजर-एडिटिंग व्यवस्था का फायदा उठाकर एक सड़क का नाम अपने नाम पर दर्ज करवा दिया.

रिपोर्ट के मुताबिक शख्स ने Google Maps के उस सिस्टम का इस्तेमाल किया, जिसके जरिए यूजर्स किसी जगह से जुड़ी गलत जानकारी को सुधारने या नई जानकारी जोड़ने का सुझाव दे सकते हैं. इसी प्रक्रिया के जरिए उसने सड़क के नाम में बदलाव का सुझाव दिया.

पहली नजर में कैसा लग रहा?

दिलचस्प बात यह रही कि मैप पर बदलाव के बाद सड़क का नाम सामान्य जानकारी की तरह दिखाई देने लगा. पहली नजर में इसे देखकर किसी को अंदाजा नहीं हुआ कि सड़क का नाम वास्तव में किसी व्यक्ति द्वारा सुझाया गया था.


कैसे काम करता है Google Maps का सिस्टम?

Google Maps की जानकारी केवल कंपनी की अपनी टीम से नहीं आती. प्लेटफॉर्म पर यूजर्स भी जगहों, दुकानों, सड़कों और दूसरी लोकेशन से जुड़ी जानकारी में बदलाव का सुझाव दे सकते हैं. Google इन सुझावों की जांच अपने सिस्टम और उपलब्ध दूसरे डेटा के आधार पर करता है.

यही क्राउडसोर्सिंग सिस्टम Google Maps को लगातार अपडेट रखने में मदद करता है. हालांकि, इसी व्यवस्था के कारण कभी-कभी गलत, मजाकिया या भ्रामक जानकारी भी प्लेटफॉर्म तक पहुंच सकती है.

मैप पर नाम दिखने का मतलब सरकारी मंजूरी नहीं

इस घटना से यह बात साफ होती है कि Google Maps पर किसी सड़क या जगह का नाम दिखाई देना अपने आप में सरकारी रिकॉर्ड होने का प्रमाण नहीं है. स्थानीय प्रशासन के आधिकारिक दस्तावेज और रिकॉर्ड किसी सड़क या स्थान के आधिकारिक नाम की पुष्टि के लिए ज्यादा महत्वपूर्ण होते हैं. यूजर द्वारा सुझाई गई जानकारी को बाद में संशोधित या हटाया भी जा सकता है. इसलिए किसी महत्वपूर्ण काम के लिए केवल ऑनलाइन मैप पर दिखाई देने वाली जानकारी पर निर्भर रहने के बजाय आधिकारिक स्रोत से पुष्टि करना जरूरी है.

डिजिटल मैपिंग में वेरिफिकेशन क्यों जरूरी?

यह मामला यह भी दिखाता है कि डिजिटल मैपिंग प्लेटफॉर्म पर यूजर इनपुट के साथ मजबूत वेरिफिकेशन सिस्टम कितना जरूरी है. किसी सड़क या जगह से जुड़ी गलत जानकारी अगर मैप पर दिखाई देने लगे, तो वह बड़ी संख्या में लोगों तक पहुंच सकती है.

Google Maps जैसे प्लेटफॉर्म लगातार अपने डेटा को अपडेट करते रहते हैं लेकिन यूजर द्वारा जोड़ी गई जानकारी में गलती की संभावना बनी रहती है. ऐसे में किसी स्थान का नाम या पता महत्वपूर्ण होने पर उसे आधिकारिक रिकॉर्ड से जांचना बेहतर होता है.