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अब DNA में सेव होंगी फोटो-वीडियो? 24 साल की भारतीय लड़की ने शुरू की भविष्य बदलने वाली तकनीक

24 वर्षीय अनघा राजेश का स्टार्टअप BioCompute DNA में डिजिटल डेटा स्टोर करने की तकनीक विकसित कर रहा है. साल 2024 में शुरू हुई कंपनी ने शुरुआती प्रयोगों के बाद प्रोटोटाइप तैयार किया है.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
अब DNA में सेव होंगी फोटो-वीडियो? 24 साल की भारतीय लड़की ने शुरू की भविष्य बदलने वाली तकनीक
Courtesy: Pinterest

आने वाले समय में फोटो, वीडियो और दूसरी डिजिटल फाइलों को स्टोर करने का तरीका बदल सकता है. अभी तक डेटा सुरक्षित रखने के लिए हार्ड डिस्क, पेन ड्राइव, सर्वर और क्लाउड स्टोरेज का इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन अब वैज्ञानिक DNA में डिजिटल डेटा स्टोर करने की तकनीक पर भी काम कर रहे हैं. इसी दिशा में भारतीय स्टार्टअप BioCompute काम कर रहा है, जिसकी शुरुआत 24 वर्षीय अनघा राजेश ने की है.

भारत में शुरू हुई यह कंपनी अब अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में अपना कारोबार बढ़ाने की तैयारी कर रही है. DNA डेटा स्टोरेज जैसी तकनीक को भविष्य के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते इस्तेमाल के साथ दुनिया में डिजिटल डेटा की मात्रा भी तेजी से बढ़ रही है. ऐसे में सवाल है कि आखिर DNA में फोटो और वीडियो कैसे स्टोर किए जा सकते हैं और इस तकनीक में इतनी दिलचस्पी क्यों दिखाई जा रही है.

DNA में कैसे स्टोर होगा डिजिटल डेटा?

आमतौर पर मोबाइल, लैपटॉप, हार्ड डिस्क और क्लाउड सर्वर में डिजिटल डेटा स्टोर किया जाता है. इन तरीकों से बड़ी मात्रा में जानकारी सुरक्षित रखी जा सकती है, लेकिन इसके लिए स्टोरेज डिवाइस, बिजली और डेटा सेंटर जैसी सुविधाओं की जरूरत पड़ती है. डेटा की मात्रा बढ़ने के साथ इसे लंबे समय तक सुरक्षित रखने की चुनौती भी बढ़ रही है.

DNA डेटा स्टोरेज इस समस्या का एक संभावित समाधान है. DNA यानी डीऑक्सीराइबोन्यूक्लिक एसिड वह अणु है, जिसमें जीवों की आनुवंशिक जानकारी मौजूद होती है. वैज्ञानिक डिजिटल जानकारी को DNA के चार रासायनिक आधारों A, T, G और C के क्रम में बदलकर उसमें स्टोर करने की तकनीक विकसित कर रहे हैं.

क्या है प्रक्रिया?

इस प्रक्रिया में डिजिटल फाइल को पहले एक खास कोड में बदला जाता है. इसके बाद उस कोड के अनुसार DNA तैयार किया जाता है. जरूरत पड़ने पर DNA को पढ़कर मूल डिजिटल जानकारी दोबारा प्राप्त की जा सकती है. इस तरह सिद्धांत रूप में फोटो, वीडियो, दस्तावेज और अन्य डिजिटल फाइलें भी DNA में स्टोर की जा सकती हैं.

24 साल की अनघा राजेश ने शुरू किया BioCompute

अनघा राजेश ने साल 2024 में BioCompute की शुरुआत की थी. कंपनी DNA की मदद से डिजिटल डेटा स्टोर करने की तकनीक विकसित करने पर काम कर रही है. रिपोर्ट के मुताबिक, स्टार्टअप ने शुरुआती रिसर्च के दौरान हजारों प्रयोग किए और अपना प्रोटोटाइप भी तैयार किया.

कंपनी को WTF Fund, Grad Capital और 1517 Fund जैसे निवेशकों से 5 करोड़ रुपये से ज्यादा की फंडिंग मिलने की जानकारी दी गई है. यह शुरुआती निवेश कंपनी को अपनी तकनीक विकसित करने और रिसर्च को आगे बढ़ाने में मदद कर सकता है.

हालांकि किसी तकनीक का प्रोटोटाइप तैयार कर लेना और उसे बड़े स्तर पर व्यावसायिक रूप से इस्तेमाल करना अलग-अलग चरण हैं. DNA में डेटा लिखने, उसे सुरक्षित रखने और जरूरत पड़ने पर तेजी से पढ़ने की प्रक्रिया को किफायती बनाना अभी भी एक बड़ी तकनीकी चुनौती है.