नई दिल्ली: बदलते परिदृश्य में जिस तरह से तकनीक पर हमारी निर्भरता बढ़ती जा रही है, उसने कई तरह की नई चुनौतियों को भी जन्म दिया है. डेटा लीक और प्राइवेसी पर मंडरा रहे खतरों के बीच स्मार्टफोन यूजर के लिए अब जो वार्निंग आई है, वो इस चिंता को और अधिक बढ़ाने वाली है. हर हाथ में रहनेवाले स्मार्टफोन पर अब साइबर अपराधी रूपी शैतान की नजर है, जिससे लोगों की परेशानी बढ़ सकती है.
दरअसल, भारत सरकार की एजेंसी कंप्यूटर इमरजेंसी रेस्पॉन्स टीम CERT-in की तरफ से वॉर्निंग जारी की गई है. चेतावनी जारी कर कहा गया है कि एजेंसी ने Android ऑपरेटिंग सिस्टम में कुछ खामियां ढूंढी हैं. इन खामियों का फायदा उठा कर अटैकर्स डिवाइस में आर्बिटरी कोड एग्जिक्यूट कर सकते हैं, जिससे खतरा बढ़ सकता है.
एजेंसी के अनुसार इस बग से ऐसे यूजर्स प्रभावित होंगे, जो Android 13, 14, 15 और 16 यूज करते हैं. गौरतलब है कि एंड्रॉइड के इन्हीं वर्जनों का इस्तेमाल ज्यादातर स्मार्टफोन में यूज होतेहैं. इसका साफ़ मतलब है कि लाखों स्मार्टफोन खतरे में हैं. बता दें कि Android 16 लेटेस्ट वर्जन है, जबकि अभी ज्यादातर लोगों के पास Android 14, 15 वाले स्मार्टफोन्स हैं.
अगर आप भी Pixel, Vivo, Oppo, Xiaomi, Realme, Motorola और OnePlus या सैमसंग के स्मार्टफोन्स यूज करते हैं और उनमें ये एंड्रॉयड वर्जन हैं तो आपको सतर्कता बरतने की जरुरत है. एजेंसी के मुताबिक ये खामियां हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर वेंडर्स, सोनों की तरफ से हैं. इनमें Qualcomm, NVIDIA, Broadcom और Unisoc के कॉम्पोनेंट्स शामलि हैं.
एजेंसी के मुताबिक इसका फायदा उठा कर हैकर्स आपके फोन से फिनांशियल डिटेल्स की चोरी कर सकते है और आपके काउंट से पैसे भी साफ हो सकते हैं. अच्छी बात ये है कि गूगल को भी इस खामी की जानकारी है और कंपनी ने नवंबर के सिक्योरिटी पैच में इसे फिक्स भी कर दिया है. लेकिन आपको अगर बचना है तो अपने फोन पर नया सिक्योरटी पैच तुरंत इंस्टॉल करना होगा, अन्यथा इस खतरे की जद में आप भी आ सकते हैं.
अपने फोन का सॉफ़्टवेयर तुरंत अपडेट करें.
सिक्योरिटी पैच स्किप न करें.
सेटिंग्स में ऑटो अपडेट को ऑन करके रखें, जिससे फोन स्वतः अपडेट हो जाए
गूगल प्ले स्टोर पर 'प्ले प्रोटेक्ट' टूल का यूज करें
किसी भी सस्पिशियस लिंक को न खोलें, विशेषतः जिनमें अटैचमेंट हो
फ़ोन में थर्ड पार्टी ऐप्स इंस्टॉल न करें