आपका बच्चा भी पूरे दिन खेलता है फोन पर गेम? आ सकती है ये बड़ी मुश्किल; आज ही लगाएं लगाम

आज के समय में मोबाइल बच्चों की पढ़ाई का भी जरूरी हिस्सा बन गया है. ऑनलाइन क्लासेज, गेमिंग और एंटरटेनमेंट के लिए बच्चे लंबे समय तक मोबाइल का इस्तेमाल करते हैं. बच्चे गेमिंग के दौरान उसमें मौजूद पेमेंट या खरीदारी के विकल्प भी कई बार इस्तेमाल कर लेते हैं. इससे आपको काफी नुकसान हो सकता है.

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Shilpa Srivastava

नई दिल्ली: आज के समय में मोबाइल बच्चों की पढ़ाई का भी जरूरी हिस्सा बन गया है. ऑनलाइन क्लासेज, गेमिंग और एंटरटेनमेंट के लिए बच्चे लंबे समय तक मोबाइल का इस्तेमाल करते हैं. लेकिन अगर बच्चा बिना जानकारी के कोई गेमिंग ऐप डाउनलोड कर ले, तो आप एक बड़ी मुश्किल में फंस सकते हैं. बच्चे गेमिंग के दौरान उसमें मौजूद पेमेंट या खरीदारी के विकल्प भी कई बार इस्तेमाल कर लेते हैं. इससे आपको काफी नुकसान हो सकता है.

गेमिंग ऐप के साथ सावधान रहने की जरूरत:

इंटरनेट पर कई तरह के गेमिंग ऐप उपलब्ध हैं. इनमें से कुछ ऐप देखने में नॉर्मल और एंटरटेनिंग लगते हैं, इसलिए बच्चे उन्हें डाउनलोड कर लेते हैं. इस दौरान कई ऐप मोबाइल में कैमरा, कॉन्टैक्ट, स्टोरेज जैसी अलग-अलग परमिशन मांगते हैं. बच्चा अगर बिना समझे सभी परमिशन दे देता है तो उसकी पर्सनल जानकारी खतरे में पड़ सकती है. इस तरह की ऐप आमतौर पर बैंकिंग, यूपीआई, डेबिट/क्रेडिट या दूसरे पेमेंट सिस्टम की जानकारी चुरा लेते हैं और खुद को इन ऐप्स से कनेक्ट कर देते हैं. 

छोटे-छोटे पेमेंट से हो सकता है बड़ा नुकसान:

कई बार बच्चों को लगता है कि थोड़ी ही पेमेंट करनी है, लेकिन थोड़ा-थोड़ा कर बड़ी रकम निकल जाती है. गेम में बच्चों को नए लेवल, डिजिटल कॉइन, हथियार, कैरेक्टर या दूसरे फीचर खरीदने के लिए कहा जाता है. बच्चा इन्हें पाने के लिए बार-बार पेमेंट कर सकता है. अगर आपने अपने अकाउंट की समय-समय पर जांच नहीं की, तो क्या पता कि आपका बच्चा आपका अकाउंट खाली करने की कगार पर आ जाए. 


मामला सिर्फ पैसे का नहीं, बच्चे की सुरक्षा का भी है:

ऑनलाइन गेमिंग से जुड़ी समस्या केवल पैसों तक सीमित नहीं है. अगर बच्चे को अपनी गलती का पता चल जाए तो वह डर के कारण माता-पिता से बात छिपा सकता है. ऐसी स्थिति में साइबर क्रिमिनल बच्चे को डराने या ब्लैकमेल करने की कोशिश भी कर सकते हैं. इसलिए माता-पिता को बच्चों के साथ ऐसा व्यवहार रखना चाहिए कि वे किसी भी परेशानी में बिना डरे तुरंत परिवार को बता सकें.

मोबाइल देना जरूरी है तो निगरानी भी जरूरी:

कई बार जब घर में माता-पिता बिजी हो जाते हैं तो बच्चों को फोन देना पड़ जाता है. इसके अलावा पढ़ाई और ऑनलाइन क्लास के लिए भी फोन देना जरूरी होता है, लेकिन मोबाइल देने के साथ उसकी निगरानी करना भी जरूरी है. बच्चों को समझाएं कि कोई भी नया गेम या ऐप डाउनलोड करने से पहले माता-पिता से पूछना जरूरी है. साथ ही उन्हें यह भी बताएं कि OTP, बैंकिंग जानकारी और पासवर्ड किसी के साथ शेयर नहीं करना है.

साइबर फ्रॉड से बचने के आसान तरीके:

  • बैंक या किसी सर्विस से आया OTP किसी को न बताएं.

  • WhatsApp, SMS या सोशल मीडिया पर आए संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें.

  • बच्चों को हर नया ऐप डाउनलोड करने से पहले माता-पिता से पूछने की आदत डालें.

  • जरूरत से ज्यादा परमिशन मांगने वाले ऐप से सावधान रहें.

  • लगातार बैंक और UPI ट्रांजेक्शन की जांच करें.

  • बच्चों के मोबाइल में खरीदारी और ऐप डाउनलोड की सीमाएं तय करें.