'सावधान', घर में लगे स्मार्ट गैजेट्स आपकी जासूसी का जरिया बन सकते हैं, यहां जानिए कैसे
आजकल घरों में स्मार्ट टीवी, सुरक्षा कैमरे, वॉयस असिस्टेंट और हेल्थ डिवाइस जैसे गैजेट्स आम हो गए हैं, लेकिन ये प्राइवेसी के लिए बड़ा खतरा पैदा कर रहे हैं. हैकर्स इन्हें आसानी से हैक कर आपकी बातचीत सुन सकते हैं, कैमरे से झांक सकते हैं या जानलेवा छेड़छाड़ कर सकते हैं.
नई दिल्ली: आधुनिक जीवन में तकनीक ने घर को सुविधाजनक बना दिया है. स्मार्ट टीवी से लेकर वाई-फाई कैमरे और मेडिकल डिवाइस तक, सब कुछ इंटरनेट से जुड़ा हुआ है. लेकिन इसी कनेक्टिविटी ने नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं. क्या आप जानते हैं कि आपके घर के ये 'सुरक्षित' गैजेट्स ही आप पर नजर रख सकते हैं? हैकर्स दूर बैठे आपकी निजी बातें सुन सकते हैं या परिवार की सुरक्षा को खतरे में डाल सकते हैं. हाल के साइबर हमलों की बढ़ती संख्या ने इस खतरे को और गंभीर बना दिया है.
स्मार्ट टीवी: बंद होने पर भी सुनता रहता है
ज्यादातर घरों में स्मार्ट टीवी लगे हैं, जिनमें वॉयस रिकग्निशन और कैमरे फिट होते हैं. ये फीचर्स सुविधा देते हैं, लेकिन खतरा भी. कुछ टीवी बंद दिखने पर भी ऑडियो रिकॉर्ड कर सकते हैं. पुरानी रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि विशेष मालवेयर से टीवी के जरिए बातचीत रिकॉर्ड की जा सकती है. ऐसे में परिवार की निजी चर्चाएं भी सुरक्षित नहीं रहतीं.
सुरक्षा कैमरे: सुरक्षा का साथी या जासूस?
घर की सुरक्षा के लिए लगाए गए वाई-फाई कैमरे अक्सर डिफॉल्ट पासवर्ड के साथ आते हैं. अगर इन्हें नहीं बदला जाए, तो हैकर्स सेकंडों में कंट्रोल हासिल कर लेते हैं. वे लाइव फुटेज देख सकते हैं या रिकॉर्डिंग चुरा सकते हैं. कई मामलों में पड़ोसी या अजनबी तक घर के अंदर की झलक पा लेते हैं, जो प्राइवेसी का गंभीर उल्लंघन है.
हेल्थ डिवाइस: जानलेवा खतरा छिपा हुआ
इंसुलिन पंप और पेसमेकर जैसे स्मार्ट मेडिकल डिवाइस मरीजों की जान बचाते हैं, लेकिन ये भी हैक हो सकते हैं. हैकर्स दूर से इंसुलिन की मात्रा बदल सकते हैं या पेसमेकर की सेटिंग्स में छेड़छाड़ कर सकते हैं. ऐसे हमले घातक साबित हो सकते हैं. पुराने मामलों में शोधकर्ताओं ने दिखाया कि वायरलेस तरीके से इन डिवाइस पर कंट्रोल संभव है.
इन जोखिमों से कैसे बचें?
सुरक्षा के लिए सबसे पहले मजबूत और यूनिक पासवर्ड इस्तेमाल करें, जो नियमित बदलते रहें. जब जरूरत न हो, तो कैमरा और माइक्रोफोन को कवर करें या डिसेबल कर दें. सभी डिवाइस के सॉफ्टवेयर को अपडेट रखें, क्योंकि अपडेट में सुरक्षा पैच आते हैं. अनावश्यक फीचर्स बंद रखें और केवल भरोसेमंद ब्रांड चुनें.