नई दिल्ली: साइबर स्कैम कितने ज्यादा आम हो गए हैं, ये बताने की जरूरत नहीं है. आजकल स्कैमर काफी ज्यादा स्मार्ट हो गए हैं. ये क्रिएटिव और नई टेक्नोलॉजी के जरिए लोगों को ठगने का काम करते हैं. इनमें रैंडम फोन कॉल, अनजान सोर्स से WhatsApp पर मैसेज या फेक वेबसाइट लिंक आदि के जरिए, लोगों के पैसे लूटे जाते हैं और उनकी जानकारी चुराई जाती है.
देखा जाए तो पैसा चुराने के कई तरीके स्कैमर्स ने ढूंढ निकाले हैं, जिनमें यूपीआई, बैंकिंग और नौकरी शामिल हैं. हम यहां आपको 5 ऐसे ही तरीके बता रहे हैं, जिनके जरिए स्कैमर्स लोगों को ठगते हैं और उनकी पर्सनल जानकारी चुराते हैं.
अगर कोई आपको कॉल करके बोलता है कि वो आपके बैंक, कस्मटर सपोर्ट से बात कर रहा है, तो आपको सावधान रहने की जरूरत है. वो आपसे आपका OTP, UPI अप्रूवल मांग सकते हैं या चाहते हैं कि आप अपनी स्क्रीन शेयर करें, तो आपको सावधान रहना जरूरी है.
आपको गलती से भी अपना ओटीपी, पिन या सीवीवी कभी भी किसी के साथ शेयर न करें. भले ही वो कहें कि वो आपके बैंक से बात कर रहे हैं. बैंक और UPI ऐप कभी भी फोन पर OTP नहीं मांगते हैं. किसी भी पेमेंट रिक्वेस्ट को अप्रूव करने से पहले हमेशा चेक करें.
आपको व्हाट्सऐप या टेलिग्राम पर नौकरी का विज्ञापन दिखता है. नौकरी का एड देखकर लोग उस पर क्लिक कर देते हैं या फिर उस पर यकीन कर लेते हैं. इसके बाद स्कैमर्स आपसे रजिस्ट्रेशन फीस या सिक्योरिटी डिपॉजिट मांगते हैं. इसके साथ ही ट्रेनिंग के लिए आपसे पैसे भी लेते हैं. हालांकि, इसके बाद गायब हो जाते हैं.
कोई भी कंपनी जो आपको नौकरी देती है, वो आपसे कभी पैसे नहीं मांगती. अप्लाई करने से पहले हमेशा कंपनी की ऑफिशियल वेबसाइट चेक करें. अगर कोई ऑफर आपको कम मेहनत में ही मिल जाता है तो यह एक जाल हो सकता है. इस तरह के स्कैम में न फंसे.
जब भी आप कस्टमर केयर नंबर सर्च करते हैं और ऑनलाइन मिलने वाले पहले नंबर पर कॉल करते हैं, तो वो कई बार फेक हो सकता है. अगर कॉल पर व्यक्ति कहता है कि वो आपकी समस्या ठीक कर देगा, जिसके लिए आपको AnyDesk या TeamViewer जैसा कोई ऐप इंस्टॉल करना होगा या फिर ओटीपी करना होगा, तो आपको इस पर यकीन नहीं करना है.
सबसे पहली बात तो आप किसी भी कंपनी की ऐप या वेबसाइट पर बिना जाने-पहचाने भरोसा न करें. इसके अलावा सी अनजान व्यक्ति के लिए कभी भी रिमोट कंट्रोल ऐप इंस्टॉल न करें. वहीं, सोशल मीडिया कमेंट्स में दिए गए नंबरों को इग्नोर करें.
अगर कभी आपको कई ऐसा मैसेज आता है, जिसमें आपको अचानक से लॉटरी, इनाम और गिफ्ट दिया जा रहा हो, जिसकी आपको प्रोसेसिंग फीस देनी है, तो ये फेक है.
सबसे पहले तो आपको यह समझना होगा कि आप ऐसी लॉटरी नहीं जीत सकते जिसमें आपने कभी हिस्सा नहीं लिया. इसके साथ ही किसी भी इनाम को पाने के लिए आपको कभी पैसे देन की जरूरत नहीं पड़ती है. इसके अलावा अगर आपको जीत के बारे में अनजान कॉल या इंटरनेशनल मैसेज आते हैं, तो उन्हें बस इग्नोर करें.
अगर आपके पास कोई भी पॉपअप मैसेज आता है जिसमें लिखा होगा- “जब तक आप अभी अपना KYC अपडेट नहीं करते, आपका बैंक अकाउंट या SIM ब्लॉक कर दिया जाएगा.” इससे यूजर घबरा जाते हैं और अपनी केवाईसी करने के लिए डिटेल्स शेयर कर देते हैं. यह एक कॉमन स्कैम बनता जा रहा है.
सबसे पहले तो इस तरह के किसी भी मैसेज पर आपको यकीन नहीं करना है. आपको अपनी केवाईसी अपडेट सिर्फ ऑफिशियल ब्रांच या बैंक के ऐप के जरिए ही अपडेट करानी चाहिए. किसी भी अजीब लिंक पर क्लिक न करें. अगर आपको कोई अलर्ट मिलता है, तो चेक करने के लिए सीधे अपने बैंक या टेलीकॉम प्रोवाइडर को कॉल करें.