US Israel Iran War IPL 2026

Uttarakhand Weather: कुमाऊं से गढ़वाल तक बारिश का कहर! देहरादून में रेड अलर्ट जारी, स्कूल-कॉलेज बंद

उत्तराखंड में सितंबर आधा बीत चुका है, लेकिन मानसून की बारिश अभी भी जारी है. लगातार हो रही बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है. मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है. खासकर कुमाऊं मंडल में आज हल्की से मध्यम, जबकि कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है.

Social Media
Princy Sharma

Uttarakhand Weather: उत्तराखंड में सितंबर का आधा महीना गुजर चुका है, लेकिन मानसून की बारिश का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा. राज्य के कई जिलों में लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है. मौसम विभाग ने आज फिर चेतावनी जारी करते हुए येलो अलर्ट घोषित किया है. 

खासकर कुमाऊं मंडल के जिलों में आज भी हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है, जबकि कुछ जगहों पर भारी बारिश के आसार हैं. 

मानसून बना मुसीबत, तबाही का मंजर 

हर तरफ इस बार उत्तराखंड में मानसून की बारिश ने भारी तबाही मचाई है. उत्तरकाशी के धराली, चमोली के थराली, पौड़ी , टिहरी और पिथौरागढ़ जिलों में बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है. कई लोगों की मौत हो चुकी है, तो कई अब भी लापता हैं. मकान , सड़कें , खेत , बाजार कुछ भी इस कहर से अछूता नहीं रहा . 

60 से ज्यादा लोग लापता

उत्तरकाशी के धराली गांव में खीरगाड़ नदी से आए जलसैलाब ने पूरे कस्बे को तबाह कर दिया . बताया जा रहा है कि इस तबाही में 60 से ज्यादा लोग लापता हैं और सैकड़ों बेघर हो चुके हैं. वहीं, रुद्रप्रयाग के छेनागाड़ में भी मलबे ने पूरा बाजार तबाह कर दिया , जहां 9 लोग लापता बताए जा रहे हैं. 

सड़कों का हुआ नुकसान

बारिश से सबसे अधिक नुकसान लोक निर्माण विभाग PWD को हुआ है. राज्य की सैकड़ों सड़कें या तो टूट चुकी हैं या फिर पूरी तरह वॉश आउट हो गई हैं. कई गांवों का संपर्क मुख्य मार्गों से कट चुका है.

कुदरत का कहर

उत्तराखंड हर साल प्राकृतिक आपदाओं की मार झेलता है, लेकिन इस बार मानसून की बारिश ने जो तबाही मचाई है , वह लंबे समय तक याद रखी जाएगी. शासन और प्रशासन राहत व बचाव कार्य में जुटा है , लेकिन खराब मौसम और लगातार बारिश के चलते हालात और बिगड़ते जा रहे हैं .