उत्तरकाशी में फिर कांपी धरती! 3.5 तीव्रता के भूकंप से सहमे लोग, 1991 की यादें हुईं ताजा
उत्तरकाशी जिले की भटवाड़ी तहसील में गुरुवार रात 8:02 बजे 3.5 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया. इसका केंद्र पिलंग के जंगलों में था. किसी तरह के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं मिली है, जबकि प्रशासन पूरी तरह सतर्क है.
उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में गुरुवार रात अचानक आए भूकंप के हल्के झटकों ने लोगों को कुछ देर के लिए दहशत में डाल दिया. भटवाड़ी तहसील क्षेत्र में महसूस किए गए इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 3.5 दर्ज की गई. राहत की बात यह रही कि किसी भी तरह के नुकसान की सूचना नहीं है, लेकिन प्रशासन ने पूरे क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी है.
पिलंग के जंगलों में रहा भूकंप का केंद्र
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार, गुरुवार रात ठीक 8:02 बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए. जांच में सामने आया कि इसका केंद्र भटवाड़ी तहसील के पिलंग क्षेत्र के जंगलों में स्थित था. झटके अधिक देर तक नहीं रहे, लेकिन अचानक धरती हिलने से स्थानीय लोग घरों से बाहर निकल आए. प्रशासन ने तुरंत संबंधित अधिकारियों और राजस्व टीमों को क्षेत्र की स्थिति का आकलन करने के निर्देश दिए. शुरुआती रिपोर्ट में कहीं भी जान-माल के नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है.
संवेदनशील क्षेत्र होने से प्रशासन अलर्ट
उत्तरकाशी भूकंप की दृष्टि से देश के सबसे संवेदनशील इलाकों में गिना जाता है. यह क्षेत्र भूकंपीय जोन-4 और जोन-5 में शामिल है, जहां बड़े भूकंप की आशंका हमेशा बनी रहती है. इसी वजह से मामूली झटकों के बाद भी प्रशासन सक्रिय हो जाता है. आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी स्थानीय अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति की तुरंत सूचना देने के निर्देश जारी किए हैं.
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1991 की त्रासदी की याद हुई ताजा
इस हल्के भूकंप ने कई लोगों को वर्ष 1991 के विनाशकारी भूकंप की याद दिला दी, जब उत्तरकाशी में 6.6 तीव्रता के भूकंप ने भारी तबाही मचाई थी. उस आपदा में बड़ी संख्या में लोगों की जान गई थी और हजारों भवन क्षतिग्रस्त हुए थे. मौजूदा भूकंप से कोई नुकसान नहीं हुआ, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे संवेदनशील क्षेत्रों में लोगों को हमेशा सतर्क रहना चाहिए और भूकंप सुरक्षा संबंधी दिशानिर्देशों का पालन करना चाहिए.