RJD को बड़ा झटका, वरिष्ठ प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने अपने पद से दिया इस्तीफा

आरजेडी के वरिष्ठ नेता और प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने पद से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने पार्टी में सम्मान नहीं मिलने की बात कही. वहीं अभय कुशवाहा को लेकर भी सियासी चर्चाओं ने बिहार की राजनीति गरमा दी है.

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Kanhaiya Kumar Jha

पटना: बिहार की राजनीति में गुरुवार को उस समय हलचल बढ़ गई, जब राष्ट्रीय जनता दल के वरिष्ठ नेता और प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया. उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल को अपना इस्तीफा सौंपते हुए कहा कि पार्टी में उन्हें अपेक्षित सम्मान नहीं मिल रहा था. इस घटनाक्रम ने बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव से पहले आरजेडी की राजनीतिक स्थिति को लेकर नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है.

मृत्युंजय तिवारी ने मीडिया से बातचीत में अपने इस्तीफे की पुष्टि की. उन्होंने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष सहित पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को अपना इस्तीफा सौंप दिया है. उन्होंने खुद को जनता का सेवक बताते हुए कहा कि वह अंतिम समय तक लोगों की सेवा करते रहेंगे. हालांकि उन्होंने अपने अगले राजनीतिक कदम के बारे में कोई जानकारी नहीं दी.

आरजेडी की मजबूत आवाज रहे तिवारी

मृत्युंजय तिवारी लंबे समय से आरजेडी के प्रमुख प्रवक्ताओं में गिने जाते रहे हैं. पार्टी के कठिन दौर में भी उन्होंने सार्वजनिक मंचों और मीडिया में लगातार आरजेडी का पक्ष रखा. राजनीतिक मुद्दों पर उनका आक्रामक और प्रभावी पक्ष रखने का अंदाज उन्हें पार्टी के प्रमुख चेहरों में शामिल करता रहा.


उपचुनाव से पहले बढ़ी सियासी हलचल

बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव से पहले इस इस्तीफे को राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है. पार्टी के भीतर इसे लेकर अलग-अलग चर्चाएं चल रही हैं. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि ऐसे समय में वरिष्ठ नेता का पद छोड़ना विपक्षी दलों को भी मुद्दा दे सकता है.

अभय कुशवाहा को लेकर भी चर्चा तेज

इसी बीच औरंगाबाद से आरजेडी सांसद अभय कुशवाहा को लेकर भी राजनीतिक गलियारों में अटकलें तेज हैं. सूत्रों के हवाले से उनके भाजपा के संपर्क में होने की चर्चा है. हालांकि इस संबंध में किसी भी पक्ष की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है. इसलिए इसे फिलहाल केवल राजनीतिक चर्चाओं के रूप में देखा जा रहा है.

अगले कदम पर बनी हुई है नजर

मृत्युंजय तिवारी के इस्तीफे के बाद अब सभी की नजर उनके अगले राजनीतिक फैसले पर है. वहीं आरजेडी के लिए भी यह घटनाक्रम अहम माना जा रहा है. आने वाले दिनों में पार्टी नेतृत्व की प्रतिक्रिया और संभावित राजनीतिक घटनाक्रम बिहार की राजनीति की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं.