देहरादून: उत्तराखंड में बीते दिनों की बारिश के बाद भले ही सूखी ठंड से कुछ राहत मिली हो, लेकिन मौसम की चुनौतियां अभी खत्म नहीं हुई हैं. मैदानी इलाकों में कोहरा और पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फबारी ने जनजीवन को प्रभावित किया है. मौसम विज्ञान केंद्र और राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने आज के लिए कई जिलों में अलर्ट जारी किया है. खासतौर पर पहाड़ों में हिमस्खलन की आशंका को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है.
उत्तराखंड के पांच जनपदों में आज सुबह कोहरा छाने की संभावना जताई गई है. मौसम विज्ञान केंद्र ने हरिद्वार और उधम सिंह नगर में घने कोहरे को लेकर यलो अलर्ट जारी किया है. वहीं देहरादून, पौड़ी, नैनीताल और चंपावत के कुछ इलाकों में हल्का कोहरा छा सकता है, जिससे दृश्यता प्रभावित होने की आशंका है.
पर्वतीय इलाकों में लगातार हो रही बर्फबारी के कारण लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं. कई दूरस्थ गांवों का संपर्क बाधित हुआ है. कुछ क्षेत्रों में बिजली और पानी की आपूर्ति भी प्रभावित बताई जा रही है. ऊंचाई वाले इलाकों में तापमान में गिरावट के चलते आम जनजीवन के साथ-साथ आवाजाही भी चुनौतीपूर्ण बनी हुई है.
प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में शीतलहर और मैदानी जिलों में कोहरे के कारण ठंड का असर बना हुआ है. दिन में तेज धूप निकलने से थोड़ी राहत जरूर मिल रही है, लेकिन सुबह और शाम के समय ठिठुरन लोगों को परेशान कर रही है. देहरादून में भी गुरुवार सुबह हल्का कोहरा दर्ज किया गया, जिससे ठंड का एहसास बढ़ गया.
राज्य आपदा परिचालन केंद्र ने उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ में हिमस्खलन की चेतावनी जारी की है. रक्षा भू सूचना विज्ञान अनुसंधान प्रतिष्ठान, चंडीगढ़ के अनुसार शुक्रवार सुबह 5 बजे से शनिवार सुबह 5 बजे तक इन जिलों में एवलॉन्च की आशंका बनी रहेगी, जिसे उच्च जोखिम श्रेणी में रखा गया है.
हिमस्खलन की चेतावनी को देखते हुए आपदा प्रबंधन सचिव ने संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं. आपदा संसाधनों को अलर्ट मोड पर रखने और संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने को कहा गया है. बागेश्वर को मध्यम जोखिम श्रेणी में रखा गया है, जहां भी प्रशासन पूरी नजर बनाए हुए है.