देहरादून: उत्तराखंड के मौसम में एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है. पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से राज्य के मैदानी और पर्वतीय इलाकों में लगातार बारिश हो रही है, जबकि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी ने ठंड बढ़ा दी है. मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले चार से पांच दिन मौसम चुनौतीपूर्ण रह सकते हैं. कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और भारी हिमपात की चेतावनी जारी की गई है.
मौसम विभाग का कहना है कि उत्तराखंड में अगले चार से पांच दिनों तक मौसम अस्थिर बना रहेगा. देहरादून, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, केदारनाथ, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है. पहाड़ी क्षेत्रों में बादल छाए रहेंगे और ठंडी हवाएं चल सकती हैं, जिससे तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जाएगी.
मौसम विभाग ने राज्य के ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बर्फबारी का अलर्ट जारी किया है. खासकर 30 और 31 जनवरी को मौसम की गतिविधियां तेज होने की संभावना है. बारिश और हिमपात के चलते न्यूनतम तापमान में तेज गिरावट आ सकती है, जिससे ठंड और गलन का असर मैदानी इलाकों तक महसूस होगा.
मौसम विभाग के अनुसार, 1 और 2 फरवरी को मौसम का असर सबसे अधिक देखने को मिलेगा. 2800 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी और मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. उत्तराखंड मौसम विज्ञान केंद्र ने लोगों को सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है.
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, इस जनवरी महीने में राज्य में सामान्य से करीब 13 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है. बागेश्वर और नैनीताल में सबसे ज्यादा वर्षा हुई है. आमतौर पर जनवरी में जहां 38 मिमी बारिश होती है, वहीं इस बार अब तक 42.8 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की जा चुकी है.
बर्फबारी से आम जनजीवन प्रभावित जरूर हुआ है, लेकिन पर्यटन क्षेत्रों में रौनक बढ़ी है. धनौल्टी और कानाताल में बड़ी संख्या में पर्यटक बर्फबारी का आनंद लेने पहुंचे हैं. वहीं पिथौरागढ़ के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बर्फ की मोटी चादर बिछी है, इसके बावजूद आईटीबीपी, एसएसबी और सेना के जवान चीन और नेपाल सीमा पर देश की सुरक्षा में मुस्तैदी से डटे हुए हैं.