देहरादून: उत्तराखंड में मौसम एक बार फिर सख्त होता नजर आ रहा है. पहाड़ों पर लगातार हो रही बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई है. तेज ठंडी हवाओं ने ठिठुरन और बढ़ा दी है. चारधाम समेत ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जनजीवन प्रभावित हुआ है. मौसम विभाग ने आज भी पर्वतीय जिलों में वर्षा, बर्फबारी और तेज हवाओं को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है.
प्रदेश में दिनभर बादल छाए रहे. ऊंची चोटियों पर जमकर बर्फ गिरी, जबकि निचले इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हुई. बारिश और बर्फबारी के चलते तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है. तेज हवाओं के कारण ठंड का असर और तेज हो गया है. कई इलाकों में लोग दिनभर अलाव और हीटर का सहारा लेते नजर आए.
केदारनाथ धाम समेत चारधाम क्षेत्रों में लगातार दूसरे दिन भी बर्फबारी जारी रही. यहां करीब दो फीट तक बर्फ जमने की सूचना है. तुंगनाथ, मध्यमहेश्वर और त्रियुगीनारायण जैसे ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी भारी हिमपात हुआ है. बर्फ के कारण कई ग्रामीण सड़कों पर आवाजाही बाधित हो गई है और प्रशासन मार्ग खोलने में जुटा हुआ है.
चोपता-मंडल मोटर मार्ग पर बर्फ जमने से वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई है. कई स्थानों पर वाहन फिसलने की घटनाएं सामने आई हैं. लगातार खराब मौसम के कारण बाजारों में रौनक कम रही. ऊंचाई वाले गांवों में लोग घरों से बाहर निकलने से बचते दिखे. पर्यटकों को भी फिलहाल पहाड़ी इलाकों में सतर्क रहने की सलाह दी गई है.
मौसम विभाग के अनुसार बुधवार को भी पर्वतीय क्षेत्रों में आंशिक बादल छाए रहेंगे. नैनीताल, चंपावत और ऊधमसिंह नगर में कहीं-कहीं गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना है. इसे देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है.
चमोली जिले की नीती घाटी के गमशाली और कोषा गांव में बर्फीले तूफान से कई घरों की छतें उड़ गईं. प्रशासन को नुकसान की सूचना मिलते ही राहत और आकलन के निर्देश दिए गए हैं. मौसम विभाग का कहना है कि गुरुवार से मौसम शुष्क हो सकता है, लेकिन ठंड से राहत मिलने के आसार कम हैं.