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उत्तराखंड में 8 नए सहकारी संघ होंगे गठित, धामी सरकार का ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का बड़ा कदम

उत्तराखंड में सहकारिता क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सरकार लगातार काम कर रही है. सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि प्रदेश में 8 नए सहकारी संघ गठित किए जाएंगे.

Shilpa Shrivastava
उत्तराखंड में 8 नए सहकारी संघ होंगे गठित, धामी सरकार का ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का बड़ा कदम
Courtesy: Social Media

उत्तराखंड में सहकारिता क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सरकार लगातार काम कर रही है. सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि प्रदेश में 8 नए सहकारी संघ गठित किए जाएंगे. इससे किसानों, कारीगरों, महिलाओं और युवाओं को अपने उत्पाद बेचने के बेहतर अवसर मिलेंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी.

किन-किन संघों का गठन होगा: जिन-जिन संघों का गठन किया जाएगा उनमें लखपति दीदी फेडरेशन, महिला स्वयं सहायता समूह फेडरेशन, वन पंचायत फेडरेशन, स्वास्थ्य फेडरेशन, प्लंबर एवं जल कार्यकर्ता फेडरेशन, भारत टैक्सी फेडरेशन, एविएशन फेडरेशन, यूथ फेडरेशन और महिला स्वयं सहायता समूह फेडरेशन शामिल है. 

क्या होगा फायदा:

बता दें कि 21 हजार महिला स्वयं सहायता समूहों को और अधिक संगठित और आत्मनिर्भर बनाने के लिए यह फेडरेशन बनाया जाएगा. वहीं, भारत टैक्सी फेडरेशन के जरिए प्रदेश के करीब 47 हजार वाहन चालक आधुनिक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जुड़ सकेंगे. यूथ फेडरेशन की बात करें तो इसका लक्ष्य एक साल में एक लाख युवाओं को स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता से जोड़ना है. 

सहकारिता मेलों का आयोजन किया जाएगा. जिला स्तर के बाद अब विधानसभा क्षेत्रों में भी सहकारिता मेलों का आयोजन किया जाएगा. इससे स्थानीय उत्पादों को बाजार मिलेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी. इसके अलावा सहकार मंथन कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा. इसमें सहकारिता क्षेत्र की उपलब्धियों, चुनौतियों और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा हुई.

सम्मानित समितियां: 

कार्यक्रम में कई सहकारी समितियों और बैंकों को सम्मानित किया गया. दुधारखाल बहुउद्देशीय सहकारी समिति, सिद्ध बाबा कृषक उत्पादक संगठन आदि को पुरस्कार दिए गए. महिला स्वयं सहायता समूहों को 5-5 लाख रुपये के ब्याज मुक्त ऋण के चेक भी दिए गए. यह कार्यक्रम उत्तराखंड में सहकारिता को नई ऊंचाई देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. सरकार का लक्ष्य है कि सहकारिता के जरिए हर वर्ग को आर्थिक रूप से मजबूत बनाया जाए.