देहरादून: उत्तराखंड में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है. नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से पहाड़ी राज्य में बारिश, बर्फबारी और तेज हवाओं का दौर शुरू होने वाला है. मौसम विभाग के अनुसार 27 और 28 जनवरी को राज्य के कई जिलों में हालात चुनौतीपूर्ण रह सकते हैं. ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बर्फबारी और निचले क्षेत्रों में बारिश से ठंड और गलन बढ़ने की संभावना है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है.
मौसम विभाग के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से उत्तराखंड समेत जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी इलाकों में मौसम खराब रहने वाला है. उत्तराखंड में इसका असर ज्यादा दिखाई देगा. पहाड़ों पर बर्फबारी के साथ-साथ निचले इलाकों में बारिश होने की संभावना है. इससे तापमान में गिरावट आएगी और ठंड का असर तेज होगा. खासकर सुबह और रात के समय गलन बढ़ने की चेतावनी दी गई है.
27 जनवरी को उत्तरकाशी, देहरादून, रुद्रप्रयाग, चमोली, नैनीताल, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. इन इलाकों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश या बर्फबारी हो सकती है. मौसम विभाग ने चेताया है कि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सड़कों पर फिसलन बढ़ सकती है और यातायात प्रभावित होने की आशंका है. लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है.
मौसम विभाग ने बताया है कि 27 जनवरी को देहरादून, पौड़ी गढ़वाल, टिहरी गढ़वाल, हरिद्वार, नैनीताल, अल्मोड़ा, चंपावत और उधम सिंह नगर जिलों में वज्रपात और ओलावृष्टि हो सकती है. इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है. आंधी-तूफान के कारण बिजली आपूर्ति और संचार सेवाएं बाधित हो सकती हैं.
27 जनवरी को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है. यहां बिजली कड़कने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है. वहीं 28 जनवरी को नैनीताल, चंपावत और उधम सिंह नगर जिलों में भी येलो अलर्ट रहेगा. कुमाऊं मंडल के कुछ अन्य हिस्सों में भी मौसम खराब रह सकता है.
मौसम विभाग के अनुसार 29 और 30 जनवरी को उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ में 2800 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बर्फबारी या बारिश हो सकती है. 31 जनवरी को भी कुछ जिलों में यही स्थिति बनी रह सकती है. प्रशासन को बर्फ हटाने की मशीनें तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं. लोगों और पर्यटकों को सावधानी बरतने, बिजली बैकअप रखने और हिमस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी गई है.