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‘राहुल-प्रियंका मेरी 40 साल की तपस्या का ख्याल करो…’, उत्तराखंड में टिकट के लिए मंच पर रो पड़े कांग्रेस नेता

​उत्तराखंड में जैसे-जैसे विधानसभा चुनावों की सरगर्मियां तेज हो रही हैं, वैसे-वैसे सियासी गलियारों में टिकट पाने के नए-नए पैंतरे और रंग देखने को मिल रहे हैं. कोई बड़े नेताओं की परिक्रमा कर रहा है, तो कोई जनता के बीच जाकर अपनी वफादारी का रिपोर्ट कार्ड बांट रहा है.

Shilpa Shrivastava
Nasir Husain
Reported By: Nasir Husain
‘राहुल-प्रियंका मेरी 40 साल की तपस्या का ख्याल करो…’, उत्तराखंड में टिकट के लिए मंच पर रो पड़े कांग्रेस नेता
Courtesy: India Daily 24x7

​उत्तराखंड में जैसे-जैसे विधानसभा चुनावों की सरगर्मियां तेज हो रही हैं, वैसे-वैसे सियासी गलियारों में टिकट पाने के नए-नए पैंतरे और रंग देखने को मिल रहे हैं. कोई बड़े नेताओं की परिक्रमा कर रहा है, तो कोई जनता के बीच जाकर अपनी वफादारी का रिपोर्ट कार्ड बांट रहा है. लेकिन देहरादून में तो हद ही हो गई, जब टिकट की आस में कांग्रेस के पूर्व राज्यमंत्री और वरिष्ठ नेता चुनावी मंच पर ही फूट-फूटकर रोने लगे.

​'राहुल-प्रियंका जी, मेरी 40 साल की तपस्या का तो ख्याल करो'

राजधानी देहरादून में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मंच का माहौल उस वक्त अचानक भावुक (और चटपटा) हो गया, जब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता याक़ूब सिद्दीकी अचानक रो पड़े. बिना किसी बड़ी बात के मंच पर ही हाथ जोड़कर गिड़गिड़ाते हुए नेता जी ने रो-रोकर हाईकमान से टिकट की गुहार लगा दी.

​माइक थामे याकूब सिद्दीकी की आंखों से बहते आंसुओं के साथ फरियाद सीधे दिल्ली दरबार तक पहुंची. उन्होंने भरे मंच से रोते हुए राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष से गुहार लगाई कि वे उनके 40 सालों के त्याग, समर्पण और पार्टी के प्रति वफादारी को न भूलें और इस बार उन्हें विधानसभा का टिकट जरूर दें.

​टिकट की 'टिक-टिक' और रोने का 'इमोशनल कार्ड''

​उत्तराखंड में टिकटों के बंटवारे से पहले नेताओं की यह 'आंसुओं वाली डिप्लोमेसी' चर्चा का विषय बन गई है. प्रत्यक्षदर्शियों और सोशल मीडिया पर इस नजारे को देखकर लोग तरह-तरह के मजे ले रहे हैं. कोई इसे 40 साल के दर्द का गुबार बता रहा है, तो कोई इसे हाईकमान पर दबाव बनाने का 'इमोशनल कार्ड'.

​पार्टी के भीतर भी अब दबी जुबान में सुगबुगाहट शुरू हो गई है कि जब दावेदार मंच पर ही इस कदर आंसुओं का सैलाब बहाएंगे, तो चुनाव मैदान में विरोधियों का मुकाबला कैसे करेंगे? अब देखना दिलचस्प होगा कि राहुल और प्रियंका गांधी तक याक़ूब सिद्दीकी के ये आंसू पहुंचते हैं या फिर यह चुनावी आंसू सिर्फ मनोरंजन का साधन बनकर रह जाएंगे.