प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बाद उत्तराखंड सरकार ने मुख्यमंत्री और मंत्रियों की फ्लीट आधी करने का फैसला लिया है 'नो व्हीकल डे' और 'वर्क फ्रॉम होम' मॉडल पर काम करना शुरू कर दिया है, कैबिनेट ने मुख्यमंत्री और मंत्रियों की फ्लीट आधी कर दी है. बुधवार को उत्तराखंड सरकार की कैबिनेट मीटिंग में कई अहम फैसले लिए गए. बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा- कोविड महामारी के बाद रूस- यूक्रेन युद्ध और अब मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच वैश्विक सप्लाई चेन प्रभावित हुई है. ऊर्जा क्षेत्र में काफी हद तक आयात पर निर्भर भारत की तेल और गैस आपूर्ति भी प्रभावित हुई है. इसके अलावा वैश्विक संकट के कारण उर्वरकों पर भी दबाव बढ़ा है.
सीएम धामी ने कहा कि वैश्विक संकट के चलते बढ़ती लागत, आयात निर्भरता और आर्थिक दबाव का सामना भारत को भी करना पड़ रहा है. इन हालातों को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल में ही जनता से छोटे-छोटे बदलावों के जरिए राष्ट्रीय प्रयासों में सहयोग की अपील की है. उत्तराखंड कैबिनेट ने इस संबंध में कुछ अहम निर्णय लिए हैं. सरकार अधिकतर बैठकें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए करने का प्रयास करेगी और निजी क्षेत्र में 'वर्क फ्रॉम होम कल्चर' लागू करने के लिए प्रेरित किया जाएगा. इसके साथ ही आमजन को पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल बढ़ाने के लिए प्रेरित किया जाएगा.
🚨 BIG! Uttarakhand CM Pushkar Singh Dhami announces major fuel-saving measures:
— CM ReportCard India (@CMReportCard_) May 13, 2026
• CM & ministers’ vehicle fleets cut by 50%
• 50% new govt vehicles to be EVs ⚡
• Weekly “No Vehicle Day”
• WFH once a week for officials
• Faster EV charging network expansion across the… pic.twitter.com/1MINAWGCxq
उत्तराखंड कैबिनेट ने फैसला लिया है कि सरकार के सभी मंत्रियों और मुख्यमंत्री की फ्लीट में वाहनों की संख्या घटाकर आधी की जाएगी. सरकार सप्ताह में एक दिन 'नो व्हीकल डे' रखेगी और उस दिन सभी अधिकारी- कर्मचारी घर से काम करेंगे. सीएम धामी ने बताया कि सप्ताह में एक दिन 'नो व्हीकल डे' लागू करने के लिए निजी क्षेत्र को भी प्रेरित किया जाएगा. सरकारी स्तर पर विदेशी यात्राएं सीमित की जाएंगी.
कैबिनेट मीटिंग में परिवहन विभाग को सार्वजनिक बस सेवा बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं. सरकारी कर्मचारियों को सार्वजनिक बसें प्रयोग करने के लिए प्रेरित किया जाएगा. इसके साथ ही एक से अधिक विभागों की जिम्मेदारी संभाल रहे अधिकारी केवल एक ही वाहन का प्रयोग कर सकेंगे. कैबिनेट मीटिंग में यह फैसला भी लिया गया है कि राज्य में जल्द ही नई 'ईवी पॉलिसी' लाई जाएगी. सरकारी वाहनों की खरीद में कम से कम 50 परसेंट वाहन इलेक्ट्रिक होंगे. इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग स्टेशन बढ़ाए जाएंगे.