उत्तराखंड में अगले 24 घंटे भारी बारिश का रेड अलर्ट, यात्रियों को यात्रा टालने की सलाह
उत्तराखंड में अगले 24 घंटे भारी बारिश की आशंका के बीच कई जिलों में रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. प्रशासन ने लोगों और यात्रियों से सतर्क रहने तथा अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है.
देहरादून: उत्तराखंड में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है. लगातार बदलते मौसम को देखते हुए मौसम विभाग ने कई जिलों के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. भारी बारिश के साथ भूस्खलन, सड़क बंद होने और नदी-नालों के जलस्तर बढ़ने की आशंका जताई गई है. प्रशासन ने आपदा की संभावनाओं को देखते हुए लोगों से अतिरिक्त सावधानी बरतने और मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने की अपील की है.
मौसम विभाग के अनुसार, 19 से 20 जुलाई तक नैनीताल, चंपावत और उधम सिंह नगर में भारी से अत्यंत भारी बारिश की संभावना है. वहीं देहरादून, हरिद्वार, टिहरी, पौड़ी और बागेश्वर समेत कई जिलों में भी तेज बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. पहाड़ी क्षेत्रों में बादल फटने और भूस्खलन का खतरा भी बना हुआ है.
यमुनोत्री हाईवे पर यातायात रोका गया
भारी बारिश के कारण उत्तरकाशी में यमुनोत्री हाईवे को एहतियात के तौर पर बंद कर दिया गया है. स्यानाचट्टी और हनुमान चट्टी के बीच कई स्थानों पर भूस्खलन और सड़क कटाव की स्थिति बनी हुई है. सड़क पर मलबा और बड़े पत्थर आने से आवाजाही प्रभावित हुई है. प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है.
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बागेश्वर में भूस्खलन ने बढ़ाई चिंता
बागेश्वर जिले के कपकोट ब्लॉक के मौनधुरा क्षेत्र में शनिवार शाम बड़ा भूस्खलन हुआ. पहाड़ का बड़ा हिस्सा ढहने से भारी मात्रा में मलबा और चट्टानें नीचे आ गईं. यह इलाका पहले से ही भूगर्भीय दृष्टि से संवेदनशील माना जाता है. घटना ने मानसून के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में बढ़ते खतरे को फिर उजागर किया है.
प्रशासन ने जारी की सुरक्षा एडवाइजरी
राज्य प्रशासन ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि लगातार बारिश से सड़कें, राजमार्ग और संचार सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं. नदी और नालों का जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति भी बन सकती है. बिजली और दूरसंचार व्यवस्था पर भी असर पड़ने की आशंका जताई गई है.
यात्रियों और श्रद्धालुओं को दी गई सलाह
प्रशासन ने चारधाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं और अन्य पर्यटकों से मौसम की जानकारी लेकर ही यात्रा करने की अपील की है. अधिक बारिश होने की स्थिति में यात्रा स्थगित करने की सलाह दी गई है. लोगों से नदी-नालों के किनारे जाने से बचने और स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने को कहा गया है.