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उत्तराखंड में अतिक्रमण पर चला सीएम धामी का बुलडोजर, कब्जामुक्त कराई गई करोड़ों की जमीन

उत्तराखंड में सरकारी जमीनों को अतिक्रमण से मुक्त कराने का अभियान तेज हो गया है. पौड़ी गढ़वाल के कई इलाकों में प्रशासन ने कार्रवाई कर अवैध कब्जे हटाए और चेतावनी दी कि आगे भी सख्त कदम जारी रहेंगे.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
उत्तराखंड में अतिक्रमण पर चला सीएम धामी का बुलडोजर, कब्जामुक्त कराई गई करोड़ों की जमीन
Courtesy: pinterest

उत्तराखंड में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों के खिलाफ प्रशासन ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाया है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के बाद पौड़ी गढ़वाल जिले में राजस्व विभाग और प्रशासनिक टीमों ने कई क्षेत्रों में अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया. इस कार्रवाई का उद्देश्य सरकारी संपत्तियों, सार्वजनिक रास्तों और सामुदायिक उपयोग की जमीनों को सुरक्षित रखना बताया गया है. अधिकारियों का कहना है कि जहां भी सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे की जानकारी मिलेगी, वहां बिना देरी कार्रवाई की जाएगी.

लैंसडाउन क्षेत्र में हुई कार्रवाई

तहसील लैंसडाउन के अंतर्गत तोल्यूं तोक, ग्राम च्वरा और पट्टी डबरालस्यूं क्षेत्र में सरकारी भूमि पर अतिक्रमण की शिकायतें सामने आई थीं. जांच के दौरान पाया गया कि कुछ स्थानों पर अतिरिक्त तारबाड़ लगाकर जमीन पर कब्जा करने का प्रयास किया गया था. राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची और भूमि अभिलेखों का सत्यापन किया. जांच पूरी होने के बाद अवैध रूप से लगाई गई तारबाड़ को हटाकर जमीन को फिर से सरकारी नियंत्रण में लिया गया. अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक संपत्तियों पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा स्वीकार नहीं किया जाएगा और भविष्य में भी निगरानी जारी रहेगी.

रिखणीखाल में हटाए गए कब्जे

अभियान के तहत तहसील रिखणीखाल के कई गांवों में भी कार्रवाई की गई. ग्राम गुर्डेता, ग्राम घेडी और ग्राम कण्डिया तल्ला सहित विभिन्न क्षेत्रों में सरकारी भूमि पर अस्थायी अतिक्रमण की जानकारी मिलने के बाद संयुक्त टीमों ने मौके का निरीक्षण किया. जांच में कब्जे की पुष्टि होने पर संबंधित स्थानों से अवैध ढांचे और सामग्री हटाई गई. प्रशासन का कहना है कि इन जमीनों का उपयोग सार्वजनिक हित के लिए किया जाना है, इसलिए इन्हें कब्जामुक्त रखना आवश्यक है. कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने स्थानीय लोगों को भी नियमों का पालन करने और सरकारी भूमि पर किसी तरह का निर्माण न करने की सलाह दी.

कोटद्वार में भी चला अभियान

तहसील कोटद्वार के ग्राम नंदपुर में स्थित पटवारी चौकी मोटाढाक की भूमि पर किए गए अतिक्रमण को भी प्रशासन ने हटाया. भूमि अभिलेखों की जांच और स्थलीय निरीक्षण के बाद सरकारी जमीन को पुनः कब्जामुक्त कराया गया. वहीं ग्राम खूनीबड़ में बंजर श्रेणी की भूमि पर तारबाड़, गमलों और नर्सरी के जरिए किए गए अस्थायी कब्जे को भी चिन्हित किया गया. प्रशासन की कार्रवाई शुरू होने के बाद संबंधित व्यक्ति ने स्वयं ही अतिक्रमण हटा लिया. अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई से अन्य लोगों को भी नियमों का पालन करने का संदेश जाता है.

प्रशासन ने दी सख्त चेतावनी

जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने कहा कि सरकारी भूमि, चारागाह, सार्वजनिक मार्ग और अन्य सामुदायिक परिसंपत्तियों की सुरक्षा प्रशासन की प्रमुख जिम्मेदारी है. उन्होंने सभी तहसीलों को नियमित निरीक्षण और सतत निगरानी के निर्देश दिए हैं. जिलाधिकारी ने साफ कहा कि जहां भी अवैध कब्जा मिलेगा, वहां तत्काल प्रभाव से कार्रवाई की जाएगी. साथ ही आम नागरिकों से भी सहयोग की अपील की गई है. प्रशासन ने लोगों से कहा है कि यदि कहीं सरकारी जमीन पर अतिक्रमण दिखाई दे तो उसकी सूचना तुरंत संबंधित विभाग को दें. अधिकारियों के अनुसार यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाएगी.