देहरादून: उत्तराखंड के सहकारिता चुनाव में भाजपा ने गढ़वाल मंडल में बड़ी बढ़त हासिल की है. मंडल के छह जिला सहकारी बैंकों में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष समेत प्रमुख पदों पर भाजपा समर्थित प्रत्याशी निर्विरोध चुने गए. इसे राज्य के सहकारिता चुनाव के इतिहास में अहम उपलब्धि बताया जा रहा है. गढ़वाल में जीत के बाद अब पार्टी का ध्यान कुमाऊं मंडल पर है. यहां ऊधम सिंह नगर, पिथौरागढ़ और नैनीताल जिला सहकारी बैंकों के चुनाव 10 और 11 सितंबर को होने हैं.
गढ़वाल मंडल के देहरादून, चमोली, उत्तरकाशी, पौड़ी, टिहरी और हरिद्वार जिला सहकारी बैंकों में मंगलवार को चुनाव प्रक्रिया पूरी हुई. अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और अन्य संस्थाओं के लिए प्रतिनिधियों के चुनाव में भाजपा समर्थित प्रत्याशियों का दबदबा रहा. सभी प्रमुख पदों पर प्रत्याशी निर्विरोध चुने गए. इस नतीजे को भाजपा के लिए सहकारिता क्षेत्र में मजबूत पकड़ के तौर पर देखा जा रहा है.
गढ़वाल में सफलता के बाद भाजपा की नजर अब कुमाऊं मंडल के तीन जिला सहकारी बैंकों पर है. ऊधम सिंह नगर, पिथौरागढ़ और नैनीताल जिला सहकारी बैंकों के संचालक मंडल का चुनाव 10 सितंबर को होगा. इसके अगले दिन 11 सितंबर को अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और दूसरी संस्थाओं के लिए प्रतिनिधियों का चुनाव कराया जाएगा. पार्टी इन चुनावों में भी अपना प्रभाव बनाए रखने की कोशिश करेगी.
अल्मोड़ा जिला सहकारी बैंक का चुनाव फिलहाल टाल दिया गया है. क्षेत्र में आपदा की स्थिति को देखते हुए वहां चुनाव बाद में कराया जाएगा. वहीं, इस बार सहकारिता चुनाव में महिलाओं के लिए पहली बार 33 प्रतिशत आरक्षण लागू किया गया है. इसके तहत राज्य के सभी 10 जिला सहकारी बैंकों में अध्यक्ष पद पर तीन महिलाओं के निर्वाचित होने का प्रावधान है.
सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने गढ़वाल मंडल में निर्विरोध चुने गए अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और निदेशक पद के सभी प्रत्याशियों को शुभकामनाएं दीं. उन्होंने कहा कि निर्विरोध चुनाव आपसी विश्वास और संगठनात्मक समन्वय का संदेश देता है. मंत्री के अनुसार, नवनिर्वाचित पदाधिकारियों के सामने अब सहकारिता आंदोलन को नई दिशा देने की जिम्मेदारी है. उन्होंने उम्मीद जताई कि इससे राज्य में सहकारिता क्षेत्र को और गति मिलेगी.