उत्तराखंड के नैनीताल जिले के रामनगर क्षेत्र के चिल्किया गांव में इन दिनों चिंता और बेचैनी का माहौल है. मर्चेंट नेवी के कप्तान अजय पंत के ब्रिटेन में हिरासत में लिए जाने की खबर ने पूरे परिवार को झकझोर दिया है. रूस से भारत तेल लेकर आ रहे जहाज पर तैनात अजय पंत की गिरफ्तारी के बाद उनके माता-पिता, पत्नी और दोनों बेटियां लगातार उनकी सुरक्षित वापसी की प्रतीक्षा कर रही हैं. इस मामले में राज्य सरकार ने भी केंद्र स्तर पर पहल शुरू कर दी है.
अजय पंत के घर में हर दिन भारी मन से गुजर रहा है. एक ओर उनके बुजुर्ग पिता वीसी पंत हैं, जो हाल ही में गंभीर बीमारी से उबरकर घर लौटे थे, वहीं दूसरी ओर अजय की दो छोटी बेटियां हैं जो बार-बार अपने पिता के बारे में सवाल कर रही हैं. परिवार के सदस्यों का कहना है कि अजय ने लगभग पंद्रह दिन पहले घर पर बातचीत की थी और बताया था कि उनका जहाज जल्द ही गुजरात पहुंचने वाला है. इसके बाद अचानक आई इस खबर ने पूरे परिवार को सदमे में डाल दिया. घर के लोगों की निगाहें अब हर नई सूचना पर टिकी हुई हैं.
अजय पंत के पिता ने बताया कि बेटे की वापसी सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है. परिवार ने जनप्रतिनिधियों से संपर्क किया है और मामले को गंभीरता से उठाने की मांग की है. जानकारी के अनुसार, उत्तराखंड सरकार के स्तर पर भी पहल की गई है और विदेश मंत्रालय को पत्र भेजकर आवश्यक हस्तक्षेप का अनुरोध किया गया है. परिवार का मानना है कि यदि केंद्र सरकार और संबंधित एजेंसियां सक्रिय रूप से प्रयास करें तो अजय की जल्द रिहाई और सुरक्षित वापसी का रास्ता निकल सकता है.
अजय पंत केवल समुद्री क्षेत्र में ही नहीं, बल्कि खेल और शिक्षा के क्षेत्र में भी अपनी पहचान बना चुके हैं. उनके पिता वीसी पंत लंबे समय तक क्रिकेट से जुड़े रहे और युवाओं को खेल की बारीकियां सिखाते रहे हैं. परिवार और परिचितों के अनुसार, अजय और उनके छोटे भाई अभिषेक दोनों बचपन से ही पढ़ाई और खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते थे. गांव और मित्रों के बीच अजय को सरल, मिलनसार और जिम्मेदार व्यक्ति के रूप में जाना जाता है. यही वजह है कि उनके परिचित भी उनकी वापसी के लिए लगातार प्रार्थना कर रहे हैं.
अजय पंत की पत्नी रितु पंत ने सोशल मीडिया मंच एक्स के माध्यम से प्रधानमंत्री से सहायता की अपील की है. उन्होंने अपने संदेश में कहा कि उनके पति एक पेशेवर अधिकारी के रूप में कंपनी के निर्देशों का पालन कर रहे थे और जहाज के स्वामित्व या व्यावसायिक निर्णयों से उनका कोई संबंध नहीं था. रितु ने भारत सरकार और मर्चेंट नेवी से जुड़े अधिकारियों से मामले में हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया है. परिवार को भरोसा है कि सरकारी प्रयासों और कूटनीतिक पहल के जरिए अजय पंत जल्द अपने घर लौटेंगे, जहां उनके माता-पिता, पत्नी और बेटियां बेसब्री से उनका इंतजार कर रही हैं.