देहरादून: उत्तराखंड के हरिद्वार में हरि सेवा आश्रम के स्थापना दिवस पर आयोजित संत सम्मेलन में देशभर से आए संतों और धर्माचार्यों की उपस्थिति के बीच योग गुरु स्वामी रामदेव ने सनातन परंपरा, आध्यात्मिक मूल्यों और भारत की वैश्विक भूमिका पर अपने विचार रखे. उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति की जड़ें संत परंपरा से मजबूत हुई हैं और यही परंपरा देश को नई दिशा देने का कार्य कर रही है. कार्यक्रम के दौरान राष्ट्र निर्माण और सामाजिक जिम्मेदारियों पर भी विशेष चर्चा हुई.
अपने संबोधन में स्वामी रामदेव ने कहा कि सनातन संस्कृति को सुरक्षित और जीवंत बनाए रखने में संतों और संन्यासियों का योगदान सबसे महत्वपूर्ण रहा है. उन्होंने कहा कि समय-समय पर आने वाली चुनौतियों के बावजूद संत समाज ने आध्यात्मिक चेतना को कमजोर नहीं होने दिया. इसी कारण भारतीय संस्कृति आज भी अपनी मूल पहचान के साथ आगे बढ़ रही है.
स्वामी रामदेव ने हरिद्वार में होने वाले कुंभ का उल्लेख करते हुए इसे सनातन परंपरा के लिए गौरव का क्षण बताया. उनके अनुसार यह आयोजन केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं है, बल्कि भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक विरासत की वैश्विक पहचान भी है. उन्होंने कहा कि ऐसे अवसर समाज को अपनी जड़ों से जोड़ने का काम करते हैं.
योग गुरु ने कहा कि आज दुनिया भारत को योग और आध्यात्मिकता के क्षेत्र में सम्मान की दृष्टि से देख रही है. उनके अनुसार योग ने भारत की छवि को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत किया है. उन्होंने कहा कि अनेक देशों में भारतीय ज्ञान और जीवन शैली को अपनाने की बढ़ती रुचि इस बदलाव का प्रमाण है.
#WATCH | Haridwar, Uttarakhand: Speaking at the Sant Sammelan at Hari Seva Ashram on Foundation Day, Yoga Guru Swami Ramdev says, “It is the ‘Sannyasis’ and saints who have preserved the glorious tradition of ‘Sanatan’ intact. As the Kumbh is now being organised in Haridwar, we… pic.twitter.com/l6gEKv7mFS
— ANI UP/Uttarakhand (@ANINewsUP) June 22, 2026
रामदेव ने कहा कि केवल आध्यात्मिक क्षेत्र ही नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, अनुसंधान और सेवा के अन्य क्षेत्रों में भी भारत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचना होगा. उन्होंने जोर देकर कहा कि इन क्षेत्रों में निरंतर सुधार और नवाचार के जरिए देश अपनी वैश्विक स्थिति को और मजबूत बना सकता है.
अपने संबोधन के अंत में उन्होंने देशवासियों से एकजुट होकर कार्य करने की अपील की. उन्होंने कहा कि आर्थिक विकास, राजनीतिक मजबूती और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करने के लिए समाज के सभी वर्गों को मिलकर प्रयास करने होंगे. उनके अनुसार सामूहिक संकल्प और निरंतर परिश्रम ही भारत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकता है.