menu-icon
India Daily

उत्तराखंड: लोकगायिका कबूतरी देवी की पुण्यतिथि पर सीएम धामी ने दी श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रसिद्ध लोकगायिका कबूतरी देवी जी की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है. सीएम धामी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ट्वीट कर उनकी स्मृति को नमन किया.

antima
Edited By: Antima Pal
उत्तराखंड: लोकगायिका कबूतरी देवी की पुण्यतिथि पर सीएम धामी ने दी श्रद्धांजलि
Courtesy: X

उत्तराखंड: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रसिद्ध लोकगायिका कबूतरी देवी जी की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है. सीएम धामी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ट्वीट कर उनकी स्मृति को नमन किया. सीएम धामी ने लिखा- 'देवभूमि उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति को अपनी मधुर वाणी और लोकगीतों के माध्यम से नई पहचान दिलाने वाली, राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित सुप्रसिद्ध लोकगायिका कबूतरी देवी जी की पुण्यतिथि पर कोटि-कोटि नमन.'

लोकगायिका कबूतरी देवी की पुण्यतिथि पर सीएम धामी ने दी श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकसंस्कृति के संरक्षण और संवर्धन में कबूतरी देवी का योगदान अतुलनीय है. उनकी स्वर-साधना और सांस्कृतिक विरासत आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनी रहेगी.

कबूतरी देवी का जीवन और योगदान

कबूतरी देवी उत्तराखंड की जानी-मानी लोकगायिका थीं. उन्होंने गढ़वाली और कुमाऊंनी लोकगीतों को अपनी मधुर आवाज दी. उनके गीत पहाड़ की संस्कृति, परंपराओं, त्योहारों, प्रेम, वीरता और प्रकृति की सुंदरता को जीवंत करते थे. 

उन्होंने लोकगीतों के जरिए दूर-दूर तक उत्तराखंड की लोक संस्कृति को पहचान दिलाई. उनकी गायकी इतनी लोकप्रिय हुई कि राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित किया गया. यह पुरस्कार उनकी मेहनत और समर्पण का प्रमाण था. कबूतरी देवी ने न सिर्फ पुराने लोकगीतों को सहेजा बल्कि नए गीतों के माध्यम से नई पीढ़ी को भी अपनी संस्कृति से जोड़ने का काम किया. उनके गीत आज भी पहाड़ी गांवों में गाए जाते हैं और युवा कलाकारों को प्रेरणा देते हैं.

सीएम धामी का संदेश

सीएम धामी ने लोक संस्कृति को संरक्षित करने पर जोर देते हुए कहा कि ऐसी विभूतियां हमारी सांस्कृतिक धरोहर हैं. उनकी याद हमें अपनी जड़ों से जुड़ने की प्रेरणा देती है. उत्तराखंड सरकार लोक कलाकारों के सम्मान और संरक्षण के लिए निरंतर प्रयास कर रही है. मुख्यमंत्री ने सभी उत्तराखंडवासियों से अपील की कि वे अपनी लोक संस्कृति, भाषा और परंपराओं को बचाए रखें. कबूतरी देवी जैसी लोकगायिकाओं की विरासत को आगे बढ़ाने में हर व्यक्ति का योगदान जरूरी है.