menu-icon
India Daily

धामी कैबिनेट के 10 बड़े फैसले, मेडिकल इंटर्न का स्टाइपेंड बढ़ा; खिलाड़ियों को मिलेंगे 278 सरकारी पद

उत्तराखंड कैबिनेट ने मेडिकल इंटर्न का स्टाइपेंड बढ़ाने, खिलाड़ियों के लिए 278 पद मंजूर करने और हरिद्वार में ESI अस्पताल के लिए 15 एकड़ जमीन देने समेत कई फैसले किए.

Ashutosh
Edited By: Ashutosh Rai
धामी कैबिनेट के 10 बड़े फैसले, मेडिकल इंटर्न का स्टाइपेंड बढ़ा; खिलाड़ियों को मिलेंगे 278 सरकारी पद
Courtesy: X

Dhami Cabinet 10 Big Decisions : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में शुक्रवार को देहरादून में हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी मिली. मेडिकल इंटर्न, खिलाड़ी, सरकारी वकील और विभागीय सेवाओं से जुड़े फैसलों के साथ मसूरी और हरिद्वार में जमीन देने के प्रस्ताव भी पास हुए. बैठक करीब एक घंटा 45 मिनट चली.

मेडिकल इंटर्न को अब 25 हजार स्टाइपेंड

प्रदेश के पांच सरकारी मेडिकल कॉलेजों में काम कर रहे इंटर्न का मासिक स्टाइपेंड 17 हजार से बढ़ाकर 25 हजार कर दिया गया है. पिछले पांच दिनों से करीब 600 इंटर्न 30 हजार की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे. नए फैसले से उन्हें हर महीने 8 हजार ज्यादा मिलेंगे. हालांकि उनकी मांग से यह रकम 5 हजार कम है. कैबिनेट ने सरकारी वकीलों की फीस की मौजूदा दरों में बदलाव को भी मंजूरी दी है. सुप्रीम कोर्ट, हाई कोर्ट और निचली अदालतों में सरकार की ओर से पैरवी करने वाले वकीलों को नई दरों के अनुसार मानदेय मिलेगा.

खिलाड़ियों के लिए 278 पदों का रास्ता साफ

खेल नीति-2021 के तहत मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों के लिए 245 सरकारी पदों पर नियुक्ति को मंजूरी मिली है. इसके अलावा ‘अपर सहायक व्यायाम’ के 33 नए पद बनाए जाएंगे. इस तरह खिलाड़ियों से जुड़े कुल 278 पद होंगे. हरिद्वार के सलेमपुर में ESI अस्पताल के लिए 15 एकड़ जमीन और मसूरी में गढ़वाल सभा को GMVN की 972 गज पार्किंग जमीन देने का फैसला भी हुआ. कारागार विभाग में अपर महानिरीक्षक का एक पद संवर्गीय करने और विधिक माप विज्ञान विभाग की सेवा नियमावली बदलने को भी मंजूरी मिली.

17 सितंबर से अभियान

उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग की वार्षिक रिपोर्ट विधानसभा में रखने की मंजूरी दी गई है. वहीं सरकार 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाएगी. इसमें धार्मिक स्थलों पर दीप जलाने, आंगनबाड़ी कार्यक्रम, पौधरोपण और सफाई अभियान होंगे. बच्चों की प्रतियोगिताएं और नुक्कड़ नाटक भी आयोजित किए जाएंगे. सरकार के मुताबिक अभियान में अलग-अलग संगठनों और लोगों को जोड़ा जाएगा. चौराहों पर ‘विकसित भारत कलश’ रखने और योजनाओं की जानकारी देने की भी योजना है.