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स्मोकिंग की लत छुड़ाएगी उत्तराखंड में तैयार 'हर्बल सिगरेट'! हरिद्वार में 15 औषधियों से तैयार हुआ अनोखा प्रयोग

हरिद्वार के आयुर्वेदिक कॉलेज ने धूम्रपान छोड़ने में मदद के लिए हर्बल दंडिका तैयार की है. इसमें तंबाकू और निकोटीन की जगह 15 आयुर्वेदिक औषधियां हैं.

Ashutosh
Edited By: Ashutosh Rai
स्मोकिंग की लत छुड़ाएगी उत्तराखंड में तैयार 'हर्बल सिगरेट'! हरिद्वार में 15 औषधियों से तैयार हुआ अनोखा प्रयोग
Courtesy: X

Herbal Cigarette : हरिद्वार में धूम्रपान की लत से जूझ रहे लोगों के लिए एक नया प्रयोग किया जा रहा है. ऋषिकुल आयुर्वेदिक कॉलेज के डॉक्टरों ने हर्बल दंडिका बनाई है. इसे डॉक्टरों की निगरानी और काउंसलिंग के साथ इस्तेमाल कराया जा रहा है. अब तक 40 लोग इस प्रयोग से जुड़े हैं.

तंबाकू-निकोटीन की जगह 15 औषधियां

ऋषिकुल राजकीय स्नातकोत्तर आयुर्वेदिक कॉलेज की रिसर्चर डॉ. प्रगति नेगी के अनुसार, इस हर्बल दंडिका में करीब 15 आयुर्वेदिक औषधियों का मिश्रण रखा गया है. इसमें मुलेठी और पंचवल्कल जैसी चीजें शामिल हैं. पंचवल्कल में पीपल और बरगद जैसी छालों का इस्तेमाल होता है. दंडिका का बाहरी हिस्सा तेंदू के पत्ते से बनाया जा रहा है, जिन्हें राजस्थान से मंगाया जाता है. खास बात यह है कि इसमें तंबाकू या निकोटीन नहीं डाला गया है. एक दंडिका बनाने में करीब 7 से 8 रुपये खर्च होते हैं.

40 लोगों पर चल रहा प्रयोग

कॉलेज में धूम्रपान छोड़ने के लिए पंजीकरण कराने वाले लोगों को फिलहाल यह दंडिका मुफ्त दी जा रही है. डॉक्टरों के मुताबिक शुरुआती तौर पर कुछ लोगों ने सिगरेट पीने की इच्छा और लंबे समय से रहने वाली खांसी में कमी बताई है. हालांकि अभी 40 लोगों का पूरा डाटा तैयार होना बाकी है. इसके बाद टीम इस जानकारी का विश्लेषण करेगी. इसलिए डॉक्टरों ने साफ किया है कि अभी इसके असर को लेकर कोई अंतिम दावा नहीं किया जा सकता. इसका इस्तेमाल निगरानी और काउंसलिंग के साथ कराया जा रहा है.

नशामुक्ति से आया हर्बल दंडिका का विचार

डॉ. प्रगति नेगी अगद तंत्र विभाग में पोस्ट ग्रेजुएशन कर रही हैं. उनके पाठ्यक्रम में नशामुक्ति से जुड़े विषय भी हैं. इसी दौरान उन्होंने देखा कि धूम्रपान की आदत युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक में मौजूद है. इसके बाद ऐसा विकल्प बनाने का विचार आया, जो लोगों को धूम्रपान छोड़ने की प्रक्रिया में मदद कर सके. इसके लिए चरक, सुश्रुत और दूसरे आयुर्वेदिक ग्रंथों के संदर्भ देखे गए. इसी बीच स्वामी रामदेव का एक वीडियो भी सामने आया, जिसमें वह हर्बल हुक्के से औषधीय धूमपान करते दिखे. हालांकि यह प्रयोग कॉलेज के शोध से अलग है.