देहरादून: केंद्र सरकार ने उत्तराखंड के भाजपा नेता भगवत प्रसाद मकवाना को राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया है. प्रधानमंत्री की मंजूरी के बाद यह नियुक्ति हुई है. इससे उत्तराखंड को राष्ट्रीय स्तर पर सफाई कर्मचारियों के हितों की रक्षा करने का मौका मिला है.
भगवत प्रसाद मकवाना पहले उत्तराखंड में सफाई कर्मचारी आयोग के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष रह चुके हैं. अब उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर यह महत्वपूर्ण पद सौंपा गया है. उनकी नियुक्ति मौजूदा आयोग के बचे हुए कार्यकाल यानी 31 मार्च 2028 तक के लिए है.
इस नियुक्ति को इसलिए खास माना जा रहा है क्योंकि मकवाना ने राज्य स्तर पर सफाई कर्मचारियों के कल्याण के लिए काफी काम किया है. अब वे पूरे देश में इसी क्षेत्र में काम करेंगे. उनके पास अनुसूचित जातियों के कल्याण और सशक्तिकरण का अच्छा अनुभव है. वे एनएचपीसी के बोर्ड में स्वतंत्र निदेशक भी रह चुके हैं. इसके अलावा मैनुअल स्कैवेंजर्स के रोजगार पर रोक और उनके पुनर्वास कानून के तहत बनी केंद्रीय निगरानी समिति के सदस्य भी रहे हैं.
नैनीताल से स्नातकोत्तर और पीएचडी की डिग्री हासिल
राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग में उत्तराखंड का एक और जुड़ाव भी है. प्रोफेसर सुषमा गौड़ियाल को आयोग का सदस्य नियुक्त किया गया है. उन्होंने कुमाऊं विश्वविद्यालय, नैनीताल से स्नातकोत्तर और पीएचडी की डिग्री हासिल की है. वे पहले भी राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग की सदस्य रह चुकी हैं. उनका अध्ययन और शोध दलित साहित्य, डॉ. भीमराव आंबेडकर, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक-राजनीतिक विषयों पर केंद्रित रहा है.
यह दोनों नियुक्तियां उत्तराखंड के लिए गर्व की बात हैं. सफाई कर्मचारियों के अधिकारों और उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर काम करने का अवसर मिला है. आयोग सफाई कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों पर ध्यान देगा और उनके हित में सिफारिशें करेगा.