देहरादून: उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव तय समय से पहले कराए जाने की संभावनाओं को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं. हालांकि अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन सूत्रों के हवाले से खबर सामने आई है कि राज्य में विधानसभा चुनाव दिसंबर 2026 में कराए जा सकते हैं. वर्तमान विधानसभा का कार्यकाल फरवरी 2027 में समाप्त होना है.
सूत्रों के अनुसार भाजपा के भीतर जनगणना 2027 को देखते हुए चुनावी कार्यक्रम में बदलाव को लेकर विचार-विमर्श चल रहा है. बताया जा रहा है कि फरवरी 2027 में प्रस्तावित जनगणना और विधानसभा चुनाव एक साथ होने की स्थिति में प्रशासनिक और व्यवस्थागत चुनौतियां बढ़ सकती हैं. इसी वजह से कुछ राज्यों में चुनाव पहले कराने के विकल्प पर चर्चा की जा रही है.
भाजपा के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर बताया कि जनगणना कार्य और चुनाव दोनों में बड़ी संख्या में शिक्षक और सरकारी कर्मचारी लगाए जाते हैं. यदि दोनों प्रक्रियाएं एक ही समय में होंगी तो कर्मचारियों पर अतिरिक्त दबाव बढ़ सकता है. इसी कारण उत्तराखंड सहित कुछ अन्य राज्यों में समय से पहले चुनाव कराने का सुझाव सामने आया है.
चर्चाओं के अनुसार यदि उत्तराखंड में दिसंबर 2026 तक चुनाव करा दिए जाते हैं तो चुनावी ड्यूटी पूरी होने के बाद कर्मचारियों को जनगणना कार्य के लिए पर्याप्त समय मिल सकेगा. हालांकि इस संबंध में अंतिम निर्णय भारत निर्वाचन आयोग और संबंधित संवैधानिक प्रक्रियाओं के तहत ही लिया जाएगा.
इसी बीच भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन पिछले तीन दिनों से मसूरी में मौजूद हैं. उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के साथ बैठक कर संगठन को मजबूत बनाने पर जोर दिया. उन्होंने कार्यकर्ताओं को हर बूथ को मजबूत करने और आम जनता तक पहुंच बढ़ाने के निर्देश दिए. बताया जा रहा है कि बीते 20 दिनों में यह उनका दूसरा उत्तराखंड दौरा है.
उत्तराखंड में भाजपा लगातार दूसरी बार सत्ता में है और आगामी विधानसभा चुनाव में तीसरी बार सरकार बनाने के लक्ष्य के साथ तैयारियों में जुटी हुई है. इसी क्रम में पार्टी ने राज्य की सभी 70 विधानसभा सीटों के लिए कोर कमेटियों का गठन भी कर दिया है. बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने के लिए बैठकों और रणनीतिक चर्चाओं का दौर जारी है.