menu-icon
India Daily

उत्तराखंड में 15 अगस्त से बदलेंगे ट्रैफिक नियम, पहली गलती पर चेतावनी; दोबारा उल्लंघन पर लगेगा जुर्माना

उत्तराखंड में जन विश्वास अधिनियम के तहत मोटर यान नियमों में कई अहम बदलाव 15 अगस्त से लागू होने जा रहे हैं. पहली बार नियम तोड़ने पर कई मामलों में सीधे जुर्माने के बजाय चेतावनी मिलेगी, जबकि दोबारा गलती करने पर जुर्माना लगाया जाएगा.

shanu
Edited By: Shanu Sharma
उत्तराखंड में 15 अगस्त से बदलेंगे ट्रैफिक नियम, पहली गलती पर चेतावनी; दोबारा उल्लंघन पर लगेगा जुर्माना
Courtesy: AI

उत्तराखंड में सड़क यातायात से जुड़े नियमों को लेकर 15 अगस्त से व्यवस्था में बड़ा बदलाव होने जा रहा है. जन विश्वास अधिनियम के तहत मोटर यान अधिनियम में किए गए बदलावों के बाद कई सामान्य यातायात नियमों के पहली बार उल्लंघन पर वाहन चालक को चेतावनी दी जाएगी. दूसरी या इसके बाद की गलती पर 500 से 1500 रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकेगा. 

नई व्यवस्था में वाहन चालकों को लाइसेंस के मामले में भी राहत दी गई है. लाइसेंस की अवधि खत्म होने के बाद उसे 30 दिन तक वैध माना जाएगा. इसके अलावा लाइसेंस की समाप्ति से एक साल पहले किए गए नवीनीकरण आवेदन पर लाइसेंस को उसकी मूल समाप्ति तिथि से ही नवीनीकृत माना जाएगा.

कई नियमों में बदलाव की तैयारी

नए नियम के मुताबिक वाहन के हस्तांतरण से जुड़ी समय सीमा भी बढ़ाई गई है. अब वाहन के हस्तांतरण की सूचना देने के लिए 14 दिन के बजाय 30 दिन का समय मिलेगा. वहीं खतरनाक खराबी वाले वाहन चलाने पर अब 5000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकेगा. ऐसे वाहन से दुर्घटना होने पर चोट या संपत्ति को नुकसान पहुंचने की स्थिति में छह महीने तक की सजा और जुर्माने का प्रावधान भी किया गया है. सड़क सुरक्षा या वायु प्रदूषण से जुड़े मानकों का उल्लंघन करने पर 10 हजार रुपये तक जुर्माना और तीन महीने के लिए वाहन चलाने से अयोग्य किए जाने का प्रावधान है. अनावश्यक या प्रतिबंधित क्षेत्र में हार्न बजाने पर पहली बार चेतावनी मिलेगी, जबकि दोबारा ऐसा करने पर 1000 से 2000 रुपये तक जुर्माना देना होगा.

बिना परमिट वाहन चलाना पड़ेगा भारी

बिना बीमा वाहन चलाने पर पहली बार तीन गुना बीमा आधार प्रीमियम या 5000 रुपये, जो अधिक होगा, उतना जुर्माना लगाया जाएगा. दोबारा उल्लंघन करने पर पांच गुना आधार प्रीमियम या 10 हजार रुपये, जो अधिक हो, जुर्माना देना होगा. वहीं बिना परमिट व्यावसायिक वाहन चलाने पर पहली बार 10 हजार रुपये और दोबारा पकड़े जाने पर 20 हजार रुपये तक जुर्माना लगाया जाएगा.

नई व्यवस्था का सबसे अहम पहलू सड़क निर्माण और रखरखाव से जुड़ा है. सड़क की खराब डिजाइन या निर्माण में मानकों की अनदेखी के कारण किसी व्यक्ति की मृत्यु या दिव्यांगता होने पर संबंधित प्राधिकरण, ठेकेदार, सलाहकार या रियायतग्राही की जिम्मेदारी तय की जाएगी. ऐसे मामलों में 50 लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान किया गया है.