नई दिल्ली: दुनिया में आर्थिक सुस्ती और कई देशों के बीच तनाव चल रहा है, फिर भी भारत का निर्यात नया रिकॉर्ड बना रहा है. सरकार के ताजा आंकड़ों से साफ पता चलता है कि भारत अमेरिका और चीन दोनों को ज्यादा सामान भेज रहा है. ये आंकड़े वाणिज्य मंत्रालय ने गुरुवार को जारी किए हैं. जुलाई महीने में अमेरिका को भारत का निर्यात 12.85 प्रतिशत बढ़कर 9.02 अरब डॉलर हो गया.
चीन की बात करें तो यह 64.57 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ निर्यात 2.2 अरब डॉलर पहुंच गया. चीन के साथ सीमा विवाद और मेक इन इंडिया अभियान के बावजूद चीनी बाजार में भारतीय सामान की मांग इतनी तेज कैसे बढ़ गई, ये सवाल भी उठ रहा है.
निर्यात के साथ आयात भी बढ़ा है. जुलाई में चीन से आयात 34.42 प्रतिशत बढ़कर 14.67 अरब डॉलर हो गया. अमेरिका से आयात 18.11 प्रतिशत बढ़कर 5.5 अरब डॉलर रहा. यानी दोनों तरफ व्यापार बढ़ रहा है, लेकिन चीन के साथ अभी भी भारत का व्यापार घाटा काफी बड़ा है.
अप्रैल से जुलाई 2026-27 के चार महीनों में अमेरिका को निर्यात 3 प्रतिशत बढ़कर 34.5 अरब डॉलर हो गया, जबकि आयात 22.42 प्रतिशत बढ़कर 22.12 अरब डॉलर पहुंच गया. चीन को निर्यात 35.97 प्रतिशत बढ़कर 7.78 अरब डॉलर रहा, लेकिन आयात 29.68 प्रतिशत बढ़कर 52.71 अरब डॉलर हो गया.
भारत और अमेरिका अभी एक बड़े व्यापार समझौते पर बातचीत कर रहे हैं. अमेरिका ने 24 जुलाई से भारत पर अतिरिक्त 10 प्रतिशत टैरिफ लगा दिया है. इसके बावजूद जुलाई में अमेरिकी बाजार को निर्यात बढ़ा, ये भारत की निर्यात क्षमता दिखाता है.
सिर्फ अमेरिका और चीन ही नहीं, दूसरे देशों को भी भारतीय सामान अच्छा जा रहा है. जुलाई में सिंगापुर को निर्यात 83.7 प्रतिशत बढ़कर 1.6 अरब डॉलर हो गया. इस वित्त वर्ष के पहले चार महीनों में सिंगापुर को निर्यात लगभग दोगुना होकर 8.1 अरब डॉलर पहुंच गया. यूएई, नीदरलैंड, जर्मनी, दक्षिण अफ्रीका, तंजानिया, ऑस्ट्रेलिया, मलेशिया, श्रीलंका, इटली और वियतनाम को भी निर्यात में अच्छी बढ़ोतरी दर्ज हुई. हालांकि यूके, बांग्लादेश, सऊदी अरब और नेपाल को निर्यात में कुछ गिरावट आई.
आयात की बात करें तो फ्रांस, कोरिया, सिंगापुर, जर्मनी, ओमान, मलेशिया, ताइवान और ब्राजील से सामान ज्यादा आया. जून में ओमान से आयात 150 प्रतिशत से ज्यादा बढ़कर 1.57 अरब डॉलर, ताइवान से 111 प्रतिशत बढ़कर 1.62 अरब डॉलर और ब्राजील से 146 प्रतिशत बढ़कर 1.4 अरब डॉलर हो गया.