उत्तराखंड का राष्ट्रीय पक्षी कौआ? BEd MEd एग्जाम की आंसर-की में कई खामियां, भड़क उठे अभ्यर्थी
उत्तराखंड की बीएड एमएड संयुक्त प्रवेश परीक्षा की उत्तर कुंजी विवादों में आ गई है. सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय द्वारा जारी आंसर की में राष्ट्रीय पक्षी से जुड़े प्रश्न का उत्तर ‘कौआ’ दर्ज होने के बाद अभ्यर्थियों ने गंभीर आपत्ति जताई.
उत्तराखंड में 16 अगस्त को आयोजित बीएड एमएड संयुक्त प्रवेश परीक्षा के बाद जारी उत्तर कुंजी ने नया विवाद खड़ा कर दिया है. सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय की ओर से प्रकाशित आंसर की में राष्ट्रीय पक्षी से जुड़े प्रश्न का उत्तर ‘कौआ’ दर्ज होने के बाद अभ्यर्थियों में नाराजगी फैल गई. छात्रों का कहना है कि इतनी महत्वपूर्ण प्रवेश परीक्षा में इस तरह की गलती बेहद गंभीर है.
उत्तर कुंजी सामने आते ही परीक्षार्थियों ने अपने उत्तरों का मिलान शुरू किया, लेकिन कई सवालों के जवाब गलत मिलने का दावा किया. मामला सोशल मीडिया और छात्र समूहों में तेजी से चर्चा का विषय बन गया. बढ़ते विवाद के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने पुरानी उत्तर कुंजी हटाकर संशोधित उत्तर कुंजी जारी कर दी और इसे तकनीकी त्रुटि बताया.
5352 अभ्यर्थियों ने दी थी संयुक्त प्रवेश परीक्षा
बीएड एमएड संयुक्त प्रवेश परीक्षा आयोजित कराने की जिम्मेदारी एसएसजे विश्वविद्यालय को सौंपी गई थी. इस परीक्षा में प्रदेशभर से कुल 5352 अभ्यर्थी शामिल हुए थे. परीक्षा संपन्न होने के बाद विश्वविद्यालय ने नियमानुसार उत्तर कुंजी अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड की, ताकि छात्र अपने उत्तरों का मिलान कर सकें.
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लेकिन उत्तर कुंजी जारी होते ही कई अभ्यर्थियों ने उसमें गड़बड़ियां बतानी शुरू कर दीं. छात्रों का कहना था कि सामान्य ज्ञान से जुड़े कई प्रश्नों में उत्तर सही नहीं थे. इसके बाद विश्वविद्यालय की उत्तर कुंजी तैयार करने की प्रक्रिया पर सवाल उठने लगे.
राष्ट्रीय पक्षी वाले सवाल पर सबसे ज्यादा नाराजगी
पूरा विवाद उस प्रश्न से शुरू हुआ, जिसमें उत्तराखंड के राष्ट्रीय पक्षी का उत्तर ‘कौआ’ दर्ज किया गया था. यही जवाब सबसे ज्यादा चर्चा का विषय बन गया और छात्रों ने इसे गंभीर लापरवाही बताया. अभ्यर्थियों का कहना था कि इस तरह की त्रुटि प्रवेश परीक्षा की विश्वसनीयता को प्रभावित करती है.
इसके अलावा कई छात्रों ने दावा किया कि उत्तराखंड को क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे छोटा राज्य बताने सहित अन्य सामान्य ज्ञान के प्रश्नों में भी गलत उत्तर दर्ज किए गए थे. इसी वजह से छात्रों ने उत्तर कुंजी की दोबारा जांच की मांग उठाई.
विवाद बढ़ा तो हटानी पड़ी पुरानी आंसर की
छात्रों की आपत्तियां सामने आने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई की. पुरानी उत्तर कुंजी वेबसाइट से हटा दी गई और उसकी जगह संशोधित उत्तर कुंजी अपलोड की गई. प्रशासन का कहना है कि अब सभी प्रश्नों के सही उत्तर उपलब्ध करा दिए गए हैं.
संशोधित उत्तर कुंजी जारी होने के साथ अभ्यर्थियों को आपत्ति दर्ज कराने का अवसर भी दिया गया है. विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया कि छात्र नई उत्तर कुंजी के आधार पर निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपनी आपत्तियां प्रस्तुत कर सकते हैं.
कुलसचिव बोले तकनीकी गड़बड़ी से हुई त्रुटि
एसएसजे विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. देवेंद्र सिंह बिष्ट ने पूरे मामले को तकनीकी कारणों से हुई गलती बताया है. उनके अनुसार उत्तरों को सेक्शनवार तैयार करते समय कुछ त्रुटियां रह गई थीं, जिन्हें संशोधित कर दोबारा अपलोड कर दिया गया है.
उन्होंने कहा कि पूर्व में जारी उत्तर कुंजिका में हुई गलतियों को सुधार लिया गया है और अभ्यर्थी संशोधित उत्तर कुंजी देखकर अपनी आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं. विश्वविद्यालय का दावा है कि नई उत्तर कुंजी में सभी प्रश्नों के सही उत्तर शामिल किए गए हैं.