SIR 2026: वोटर लिस्ट में नाम है या नहीं? 3 अक्टूबर को सामने आएगी उत्तराखंड की नई सूची
उत्तराखंड में एक सितंबर से चल रहा विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR का काम पूरा हो गया है. अब तक एकत्र किए गए डाटा को फ्रीज कर दिया गया है. अगले कुछ दिनों में जिला स्तर पर जानकारी का अंतिम मिलान होगा और इसके बाद मतदाता सूची को मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय भेजा जाएगा.
उत्तराखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR का काम पूरा हो गया है. करीब एक महीने से चल रही इस प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची की जांच, नामों का सत्यापन और आपत्तियों से जुड़ी प्रक्रिया पूरी की गई. अब तक जुटाए गए डाटा को फ्रीज कर दिया गया है.
अब जिला स्तर पर अंतिम जानकारी का मिलान किया जा रहा है. इसके बाद तैयार मतदाता सूची को मुख्य राज्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय भेजा जाएगा. उपलब्ध जानकारी के मुताबिक 3 अक्टूबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी.
एक सितंबर से शुरू हुआ था SIR
उत्तराखंड में SIR की प्रक्रिया एक सितंबर से शुरू हुई थी. इसके तहत मौजूदा मतदाता सूची की विस्तृत जांच की गई और मतदाताओं के नामों का वर्ष 2003 की मतदाता सूची से मिलान किया गया. CEO Uttarakhand की आधिकारिक वेबसाइट पर भी SIR 2026 के लिए अलग पोर्टल उपलब्ध है, जिसमें SIR ड्राफ्ट रोल, ASD यानी अनुपस्थित, स्थानांतरित और मृत मतदाताओं की सूची और वर्ष 2003 की मतदाता सूची में नाम खोजने की सुविधा दी गई है.
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आपत्तियों और नामों के सत्यापन की प्रक्रिया
SIR के दौरान मतदाता सूची में किसी तरह की त्रुटि या आपत्ति मिलने पर संबंधित लोगों को नोटिस जारी किए गए. मतदाताओं को नामों से जुड़ी आपत्तियां दर्ज कराने का अवसर भी दिया गया. इसके अलावा जिन मतदाताओं का पता बदल गया था, उन्हें अपना पता अपडेट कराने की सुविधा भी दी गई. इस पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची में दर्ज जानकारी को दोबारा सत्यापित करना था.
SIR के अंतिम चरण में उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की मतदाता सूचियों में संभावित दोहरे नामों की भी जांच की गई. सके लिए फोटो सिमिलर एंट्री यानी PSE और डाटा सिमिलर एंट्री यानी DSE की प्रक्रिया अपनाई गई. इन तकनीकी प्रक्रियाओं के जरिए ऐसे मतदाताओं की पहचान की गई जिनका नाम दोनों राज्यों की मतदाता सूचियों में दिखाई दे रहा था. ऐसे लोगों से यह जानकारी लेने की प्रक्रिया भी अपनाई गई कि वे किस राज्य की मतदाता सूची में अपना नाम रखना चाहते हैं. उत्तराखंड के पांच जिलों में यूपी की मतदाता सूची से मिलान की यह प्रक्रिया SIR के अंतिम चरण का हिस्सा रही.
अब क्या होगा?
SIR का डाटा फ्रीज होने के बाद अब उसमें सामान्य प्रक्रिया के तहत बदलाव नहीं किया जा रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक अगले कुछ दिनों में जिलों से प्राप्त जानकारी का अंतिम मिलान किया जाएगा. इसके बाद तैयार मतदाता सूची को मुख्य राज्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय भेजा जाएगा. अंतिम प्रक्रिया पूरी होने के बाद 3 अक्टूबर को नई मतदाता सूची प्रकाशित होने की उम्मीद है.