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उत्तराखंड में सर्दी का सितम जारी, इस जिले में दो दिन तक बंद रहेंगे स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र

उत्तराखंड में ठंड ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है. उधम सिंह नगर और तराई क्षेत्रों में घने कोहरे और शीतलहर के चलते स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश का आदेश जारी किया गया है.

Anuj

उधम सिंह नगर: उत्तराखंड के पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में इस समय सर्दी की सितम जारी है. विशेष रूप से तराई क्षेत्र और उधम सिंह नगर में घना कोहरा और शीतलहर के कारण लोगों का जीवन कठिन हो गया है. मौसम विभाग ने 30 और 31 दिसंबर को कोहरे की संभावना जताई है. इसको देखते हुए जिलाधिकारी ने सुरक्षा और बच्चों की देखभाल को ध्यान में रखते हुए स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश का आदेश जारी किया है.

तराई क्षेत्रों में बढ़ी ठंड

उत्तराखंड के तराई क्षेत्र में ठंड ने जनजीवन को प्रभावित किया है. उधम सिंह नगर और आसपास के इलाके पिछले कुछ दिनों से कोहरे की चादर में ढके हुए हैं. दिन में सूरज भी मुश्किल से दिखाई दे रहा है. ठंड की वजह से लोग घरों में रहना पसंद कर रहे हैं और सुबह-सुबह स्कूल जाने वाले बच्चों को बाहर निकलने में मुश्किल हो रही है.

स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में छुट्टी

मौसम विभाग की चेतावनी के बाद जिलाधिकारी ने जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों और 12वीं तक के स्कूलों में 30 और 31 दिसंबर को अवकाश घोषित किया है. यह कदम खासकर छात्रों और छोटे बच्चों की सुरक्षा के लिए उठाया गया है. प्रशासन ने आदेश का पालन कड़ाई से कराने के निर्देश सभी तहसीलदारों और विभागों को दिए हैं.

घने कोहरे और शीतलहर का असर

घने कोहरे के कारण उधम सिंह नगर जिले में दृश्यता कम हो गई है. सड़क पर वाहन चलाना भी कठिन हो गया है. ठंड और कोहरे से लोग लगातार कंपकंपी महसूस कर रहे हैं. मौसम विभाग के अनुसार, 30 और 31 दिसंबर को भी घना कोहरा रहने की संभावना है, जिससे बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा का ध्यान रखना जरूरी है.

आदेश की अवहेलना पर कार्रवाई

जिलाधिकारी ने कहा कि आदेश की अवहेलना करने वाले संस्थानों के खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के तहत कार्रवाई की जाएगी. सोमवार, 29 दिसंबर को भी इसी कारण अवकाश घोषित किया गया था. अब 30 और 31 दिसंबर भी स्कूल बंद रहेंगे ताकि बच्चों और कर्मचारियों को शीतलहर के दौरान जोखिम से बचाया जा सके.

दिसंबर का महीना रहा शुष्क

पूरा दिसंबर महीना बारिश और बर्फबारी से रहित रहा. उच्च हिमालय में पहाड़ बर्फ विहीन दिख रहे हैं और कई जगह सूखे के कारण जंगलों में आग की घटनाएं भी हुई हैं. मौसम विभाग ने भविष्य में बारिश की संभावना जताई है, लेकिन किसानों और पर्यटन व्यवसायियों के लिए यह महीना काफी निराशाजनक रहा है.