आयुर्वेद और योग का बड़ा केंद्र बनेगा ऋषिकुल, CM धामी ने मास्टर प्लान को दी रफ्तार
हरिद्वार के ऋषिकुल को आयुर्वेद, योग और भारतीय ज्ञान परंपरा के बड़े केंद्र के रूप में विकसित करने की तैयारी है.
Rishikul Master Plan : उत्तराखंड सरकार ऋषिकुल को नई पहचान देने की तैयारी में है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास में मदन मोहन मालवीय प्राच्य शोध संस्थान, ऋषिकुल के मास्टर प्लान की समीक्षा की. उन्होंने आयुर्वेद, योग, मेडिकल टूरिज्म, ज्योतिष और वैदिक गणित को विकास योजना में खास जगह देने को कहा.
आयुर्वेद और भारतीय ज्ञान का बड़ा केंद्र बनेगा ऋषिकुल
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऋषिकुल को आयुर्वेद, योग और भारतीय ज्ञान परंपरा के प्रमुख केंद्र के तौर पर तैयार किया जाए. यहां पढ़ाई और शोध के लिए बेहतर माहौल बनाया जाए, ताकि देश-दुनिया के लोग भारतीय ज्ञान और प्राच्य विद्याओं को समझ सकें. उन्होंने आयुष, योग और संस्कृत को उत्तराखंड की खास पहचान बताते हुए कहा कि इन क्षेत्रों की झलक ऋषिकुल के नए स्वरूप में साफ दिखाई देनी चाहिए. संस्थान में होने वाली शैक्षणिक गतिविधियों का स्तर ऊंचा रखा जाए और आयुर्वेद व योग से जुड़े अध्ययन को बढ़ावा दिया जाए.
पारंपरिक रूप के साथ आधुनिक सुविधाएं
धामी ने परिसर की इमारतों को भारतीय और पारंपरिक स्थापत्य शैली के अनुरूप बनाने पर जोर दिया. भवनों के बाहरी हिस्से और डिजाइन में पुरानी भारतीय वास्तुकला की झलक दिखे लेकिन अंदर मिलने वाली सुविधाएं आज की जरूरतों के हिसाब से आधुनिक हों. मुख्यमंत्री ने कहा कि ऋषिकुल की पहचान ऐसी हो, जहां परंपरा और आधुनिक व्यवस्था साथ दिखाई दें. इस संतुलन से परिसर केवल अध्ययन और शोध का स्थान नहीं रहेगा, बल्कि भारतीय संस्कृति और ज्ञान को करीब से समझने वाले लोगों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बन सकेगा.
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हरिद्वार की पहचान को विकास योजना से जोड़ने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने कहा कि मां गंगा के कारण हरिद्वार का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व देशभर में है. यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक आते हैं, इसलिए ऋषिकुल के विकास में इस खास पहचान को भी जोड़ा जाए. आने वाले लोगों को भारतीय ज्ञान, आयुर्वेद, योग और अध्यात्म की विरासत को जानने का मौका मिलना चाहिए. उन्होंने अधिकारियों को सभी काम तय समय के अनुसार करने के निर्देश दिए. अलग-अलग कामों के लिए चरण और समय-सीमा तय कर पूरी परियोजना को दो साल के भीतर चरणबद्ध तरीके से पूरा करने को कहा.