उत्तराखंड की बहुप्रतीक्षित ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल परियोजना में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है. रेल विकास निगम लिमिटेड (RVNL) ने गंगा नदी पर बने इस परियोजना के एकमात्र रेलवे पुल का सफलतापूर्वक लॉन्च कर दिया है. यह पुल परियोजना का सबसे महत्वपूर्ण ढांचा माना जा रहा है, क्योंकि इसके माध्यम से रेल लाइन टिहरी गढ़वाल और पौड़ी गढ़वाल जिलों को आपस में जोड़ेगी.
परियोजना पूरी होने के बाद ऋषिकेश से कर्णप्रयाग की यात्रा का समय करीब 6 घंटे से घटकर सिर्फ 2.5 घंटे रह जाएगा, जिससे चारधाम यात्रा, पर्यटन और सामरिक दृष्टि से उत्तराखंड को बड़ा फायदा मिलेगा.
ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल परियोजना में कुल 19 प्रमुख रेलवे पुल बनाए जा रहे हैं, जिनमें से आठ का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है. गंगा नदी पर बनाया गया यह पुल पूरे प्रोजेक्ट का एकमात्र मुख्य गंगा पुल है, जबकि बाकी सभी पुल गंगा की सहायक नदियों पर बनाए जा रहे हैं. आरवीएनएल के अनुसार पुल का 125 मीटर का मुख्य स्पैन और 32 मीटर का सहायक स्पैन सफलतापूर्वक लॉन्च कर दिया गया है. अब इसे अंतिम तकनीकी स्वरूप देने का कार्य किया जाएगा.
यह महत्वाकांक्षी परियोजना उत्तराखंड के पांच प्रमुख जिलों—
इस रेल लाइन का उद्देश्य केवल यात्रा को आसान बनाना नहीं, बल्कि भूस्खलन और प्राकृतिक आपदाओं के दौरान सड़क मार्ग पर निर्भरता कम करना भी है.
करीब 125 किलोमीटर लंबी इस रेल परियोजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसका लगभग 104 किलोमीटर (83 प्रतिशत) हिस्सा सुरंगों के भीतर से गुजरेगा.
परियोजना में शामिल हैं—
इनमें कर्णप्रयाग स्टेशन सबसे बड़ा होगा, जहां 26 रेल लाइनें विकसित की जाएंगी और इसे टर्मिनस स्टेशन के रूप में तैयार किया जाएगा.