उत्तराखंड विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने संगठन को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के हल्द्वानी दौरे से ठीक पहले उत्तराखंड कांग्रेस की बहुप्रतीक्षित 168 सदस्यीय प्रदेश कार्यकारिणी का ऐलान कर दिया गया. इसके साथ ही पार्टी ने पांच महत्वपूर्ण समितियों का भी गठन किया है, जिससे साफ संकेत मिलते हैं कि कांग्रेस अब पूरी तरह चुनावी तैयारी में जुट गई है.
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल को नई कार्यकारिणी के गठन के लिए करीब नौ महीने का इंतजार करना पड़ा. आखिरकार विधानसभा चुनाव से लगभग छह महीने पहले पार्टी हाईकमान ने नई टीम को मंजूरी दे दी. नई कार्यकारिणी में कुल 168 सदस्य शामिल किए गए हैं. इनमें एक कोषाध्यक्ष, 24 उपाध्यक्ष, 36 महामंत्री और 107 सचिव बनाए गए हैं. संगठन के विस्तार के जरिए पार्टी ने अधिक से अधिक नेताओं और कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी देने की रणनीति अपनाई है.
प्रदेश कार्यकारिणी के साथ साथ कांग्रेस हाईकमान ने चुनावी रणनीति को मजबूत करने के लिए पांच महत्वपूर्ण समितियों की भी घोषणा की है. इनमें शामिल हैं—
इन समितियों की जिम्मेदारी संगठन को मजबूत करने, चुनावी मुद्दों को तैयार करने और पार्टी के भीतर अनुशासन बनाए रखने की होगी.
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे शनिवार को हल्द्वानी दौरे पर पहुंचने वाले हैं. उनके दौरे से पहले नई कार्यकारिणी की घोषणा को संगठनात्मक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है. पार्टी नेतृत्व का मानना है कि चुनाव से पहले संगठन को सक्रिय और मजबूत बनाना आवश्यक है, ताकि बूथ स्तर तक पार्टी की पकड़ मजबूत की जा सके.
नई कार्यकारिणी में कांग्रेस ने लगभग सभी प्रमुख नेताओं और गुटों को प्रतिनिधित्व दिया है. पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह, डा. हरक सिंह रावत, करन माहरा, प्रदीप टम्टा, नवप्रभात और युवा नेता वैभव वालिया समेत कई वरिष्ठ नेताओं को संगठन में अहम जिम्मेदारियां दी गई हैं. 41 सदस्यीय कार्यकारी समिति में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ 20 विधायकों को भी शामिल किया गया है.