रामनगर-देहरादून एक्सप्रेस शुरू, रेल मंत्री और सीएम धामी ने दिखाई हरी झंडी
उत्तराखंड को रामनगर-देहरादून एक्सप्रेस के रूप में नई रेल सेवा मिली है. इससे पहली बार कुमाऊं और गढ़वाल के बीच सीधी कनेक्टिविटी मजबूत होगी. यात्रियों की मांग बढ़ने पर इसे रोजाना चलाने पर भी विचार किया जाएगा.
देहरादून: उत्तराखंड के रेल नेटवर्क को मजबूत करने की दिशा में राज्य को एक नई सौगात मिली है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने वर्चुअल माध्यम से रामनगर-देहरादून एक्सप्रेस के नियमित संचालन की शुरुआत की. यह रेल सेवा कुमाऊं और गढ़वाल क्षेत्र के बीच सीधा संपर्क स्थापित करेगी. सरकार का मानना है कि इससे पर्यटन, व्यापार, शिक्षा और रोजगार के लिए यात्रा करने वाले लोगों को काफी सुविधा मिलेगी.
रामनगर-देहरादून एक्सप्रेस उत्तराखंड के दो प्रमुख क्षेत्रों को सीधे जोड़ने वाली महत्वपूर्ण रेल सेवा होगी. यह ट्रेन रामनगर से चलकर काशीपुर, रोशनपुर, पिपलसाना, मुरादाबाद, नजीबाबाद और हरिद्वार होते हुए देहरादून पहुंचेगी. इस सेवा से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के यात्रियों को भी सीधा लाभ मिलेगा और सफर पहले की तुलना में अधिक सुविधाजनक बनेगा.
सप्ताह में दो दिन चलेगी ट्रेन
रेलवे के अनुसार फिलहाल इस एक्सप्रेस का संचालन सप्ताह में दो दिन किया जाएगा. केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि यदि यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ती है तो इसे रोजाना चलाने पर भी विचार किया जाएगा. उनका कहना है कि यह सेवा क्षेत्रीय संपर्क को मजबूत करने के साथ यात्रियों की जरूरतों को पूरा करने में अहम भूमिका निभाएगी.
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रेलवे विकास पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य में रेलवे ढांचे को तेजी से विकसित किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना अंतिम चरण में है और इसके पूरा होने से चारधाम क्षेत्र की कनेक्टिविटी को नई गति मिलेगी. राज्य में कई बड़ी रेलवे परियोजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है.
रिकॉर्ड बजट और स्टेशन होंगे आधुनिक
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि वर्ष 2026-27 में उत्तराखंड को रेलवे विकास के लिए 4,769 करोड़ रुपए का रिकॉर्ड बजट मिला है. वहीं लगभग 39 हजार करोड़ रुपए की विभिन्न रेलवे परियोजनाओं पर काम जारी है. इसके साथ अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत राज्य के 11 रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण भी किया जा रहा है.
पर्यटन और यात्रियों को मिलेगा फायदा
नई रेल सेवा से छात्रों, नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों और पर्यटकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है. सरकार का मानना है कि इससे चारधाम यात्रा, स्थानीय पर्यटन और क्षेत्रीय व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा. वर्ष 2023 के बाद उत्तराखंड के लिए शुरू की गई 20 नई और विस्तारित रेल सेवाओं में यह ट्रेन एक महत्वपूर्ण कड़ी साबित हो सकती है.