कांवड़ यात्रा 2026 के लिए बदायूं तैयार, 6 जोन-32 सेक्टर में सुरक्षा; 300 CCTV कैमरों से रहेगी हर गतिविधि पर नजर
कांवड़ यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारी की है. जिले को छह जोन और 32 सेक्टर में बांटा जाएगा. सुरक्षा, यातायात, चिकित्सा और स्वच्छता के लिए अलग-अलग अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की गई है.
लखनऊ: आगामी कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण और सुरक्षित ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने विस्तृत कार्ययोजना लागू कर दी है. यात्रा मार्ग से लेकर गंगा घाटों तक सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के साथ चिकित्सा, यातायात, स्वच्छता और निगरानी के विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं. प्रशासन का लक्ष्य श्रद्धालुओं को बिना किसी परेशानी के सुविधाएं उपलब्ध कराना और किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी तरीके से निपटने की तैयारी रखना है.
प्रशासन ने पूरे जिले को छह जोन और 32 सेक्टर में विभाजित करने का निर्णय लिया है. प्रत्येक क्षेत्र की निगरानी के लिए 42 स्टेटिक मजिस्ट्रेट तैनात किए जाएंगे. संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल भी मौजूद रहेगा. अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि सभी व्यवस्थाओं पर लगातार नजर रखें और किसी भी समस्या का तुरंत समाधान करें.
सीसीटीवी और सुरक्षा व्यवस्था होगी मजबूत
कछला गंगा घाट और कांवड़ यात्रा मार्ग पर सुरक्षा के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं. घाट पर करीब 200 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, जबकि बरेली बॉर्डर से कछला तक लगभग 300 कैमरों से पूरे मार्ग की निगरानी होगी. इसके अलावा बैरिकेडिंग, वाच टावर, पुलिस पिकेट, 16 नाव और 40 प्रशिक्षित गोताखोर भी तैनात रहेंगे.
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स्वास्थ्य और बिजली व्यवस्था पर विशेष ध्यान
मुख्य चिकित्साधिकारी को पर्याप्त एंबुलेंस और बाइक एंबुलेंस उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए हैं. यात्रा मार्ग पर चिकित्सा शिविर और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था भी की जाएगी. वहीं बिजली विभाग को सभी पोल और झूलते तारों की जांच कर उन्हें सुरक्षित बनाने को कहा गया है, ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना की संभावना न रहे.
स्वच्छता और यातायात के लिए भी विशेष तैयारी
यात्रा मार्ग और हाईवे को साफ रखने के लिए 120 सफाई कर्मियों की तैनाती होगी. नगर पालिका और नगर पंचायतों को निराश्रित पशुओं को हटाने के निर्देश दिए गए हैं. प्रमुख चौराहों, पार्किंग स्थलों और कंट्रोल रूम पर भी विशेष निगरानी रखी जाएगी, जिससे यातायात व्यवस्था सुचारु बनी रहे.
डीजे और प्रशासनिक जिम्मेदारियां तय
प्रशासन ने डीजे की अधिकतम ऊंचाई 12 फीट और चौड़ाई 10 फीट तय की है. ध्वनि स्तर 75 डेसीबल से अधिक नहीं होगा और केवल धार्मिक तथा देशभक्ति गीत ही बजाए जा सकेंगे. नियमों के उल्लंघन पर तत्काल कार्रवाई होगी. एडीएम प्रशासन को नोडल अधिकारी बनाया गया है, जबकि पुलिस की ओर से एसपी सिटी को जिम्मेदारी सौंपी गई है. सभी तैयारियां 25 जुलाई तक पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं.