सेवा, सुशासन और समर्पण के शानदार 5 साल... CM धामी का दमदार नेतृत्व; उत्तराखंड की राजनीति में रचा नया इतिहास
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लगातार पांच वर्ष पूरे कर उत्तराखंड की राजनीति में नया इतिहास रचा. ऋषिकेश में आयोजित कार्यक्रम में विकास परियोजनाओं का लोकार्पण, सरकार की उपलब्धियों का रिपोर्ट कार्ड और वर्ष 2035 तक विकसित उत्तराखंड का संकल्प दोहराया गया.
उत्तराखंड की राजनीति में रविवार का दिन ऐतिहासिक बन गया. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री पद पर लगातार पांच वर्ष पूरे करते हुए नया रिकॉर्ड दर्ज किया. ऋषिकेश के आईडीपीएल मैदान में आयोजित विशाल जनसभा में हजारों लोगों की मौजूदगी ने इस अवसर को केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनविश्वास और राजनीतिक स्थिरता के बड़े प्रदर्शन में बदल दिया.
'सेवा, सुशासन एवं समर्पण : जन जन की सरकार, जन जन के द्वार' सेवा पखवाड़ा के शुभारंभ के साथ हुए इस कार्यक्रम में विकास योजनाओं की सौगात भी दी गई. मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि सरकार के लिए सत्ता नहीं, बल्कि जनसेवा सर्वोच्च प्राथमिकता है और वर्ष 2035 तक विकसित उत्तराखंड बनाने का लक्ष्य उनकी सरकार की सबसे बड़ी प्रतिबद्धता है.
आईडीपीएल मैदान में उमड़ा अभूतपूर्व जनसमर्थन
ऋषिकेश का आईडीपीएल मैदान हजारों लोगों की मौजूदगी से खचाखच भरा नजर आया. मुख्यमंत्री के मंच पर पहुंचते ही 'धाकड़ धामी जिंदाबाद' और 'पुष्कर धामी जिंदाबाद' के नारों से पूरा परिसर गूंज उठा. पुष्पवर्षा के बीच हुए भव्य स्वागत ने कार्यक्रम को विशेष बना दिया. इसी अवसर पर राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) और मुख्यमंत्री ने देहरादून जिले की 219 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली 51 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया.
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राज्यपाल और पूर्व मुख्यमंत्री ने की खुलकर सराहना
राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) ने मुख्यमंत्री धामी को लगातार पांच वर्ष तक सफल नेतृत्व के लिए बधाई देते हुए इसे जनता के विश्वास और लोकतांत्रिक स्थिरता का प्रतीक बताया. उन्होंने नकल विरोधी कानून, धर्मांतरण विरोधी कानून और सख्त भू कानून जैसे फैसलों का उल्लेख किया. साथ ही भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की सख्त कार्रवाई की भी सराहना की. पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल 'निशंक' ने कहा कि धामी सरकार के फैसलों का अन्य राज्यों द्वारा अनुसरण किया जाना उत्तराखंड के लिए गर्व की बात है.
'सत्ता नहीं, सेवा हमारी पहचान'
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में कहा कि यह अवसर जश्न मनाने का नहीं, बल्कि आत्ममंथन और जनसेवा के संकल्प को मजबूत करने का है. उन्होंने दोहराया कि सत्ता उनके लिए कभी लक्ष्य नहीं रही, बल्कि जनता की सेवा का माध्यम रही है. मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है. इसी सोच के तहत सेवा पखवाड़ा शुरू किया गया है और अधिकारियों को जनता के बीच जाकर समस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश दिए गए हैं.
पांच साल का रिपोर्ट कार्ड भी रखा सामने
मुख्यमंत्री ने अपने कार्यकाल की प्रमुख उपलब्धियां भी गिनाईं. उन्होंने बताया कि राज्य में एक लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश धरातल पर उतर चुका है. चारधाम यात्रा, शीतकालीन यात्रा, राष्ट्रीय खेल और जी 20 जैसे आयोजनों ने उत्तराखंड को नई पहचान दिलाई. पिछले पांच वर्षों में 34 हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शी तरीके से सरकारी नौकरियां दी गईं. स्टार्टअप नीति, होमस्टे योजना, एक जनपद दो उत्पाद, सौर स्वरोजगार योजना और अन्य स्वरोजगार योजनाओं के जरिए युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम किया गया. वहीं लखपति दीदी अभियान के तहत दो लाख 65 हजार से अधिक महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया गया.
राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में रहे सरकार के फैसले
धामी सरकार के कई निर्णय राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बने. समान नागरिक संहिता लागू करना, सख्त नकल विरोधी कानून, धर्मांतरण विरोधी कानून, प्रभावी भू कानून, भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई, 1064 हेल्पलाइन के माध्यम से शिकायत व्यवस्था, बड़े अधिकारियों तक कार्रवाई, अवैध मदरसों पर अभियान, मदरसा बोर्ड से जुड़े निर्णय, अवैध अतिक्रमण के खिलाफ अभियान और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया जैसे कदम सरकार की प्रमुख उपलब्धियों के रूप में सामने आए. इसके साथ ही पर्यटन, निवेश, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और सीमांत क्षेत्रों के विकास को भी सरकार ने अपनी प्राथमिक उपलब्धियों में शामिल किया. कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने वर्ष 2035 तक विकसित और श्रेष्ठ उत्तराखंड बनाने का संकल्प एक बार फिर दोहराया.