बागेश्वर का सबसे रोमांचक ट्रेक करने से पहले पढ़ लें यह गाइड, छोटी सी गलती पड़ सकती है भारी
अगर आप उत्तराखंड के बागेश्वर स्थित कनाकटा पास ट्रेक की योजना बना रहे हैं तो बिना तैयारी के निकलना भारी पड़ सकता है. 4550 मीटर की ऊंचाई वाले इस ट्रेक के लिए सही जूते, गर्म कपड़े, फर्स्ट एड किट और अन्य जरूरी सामान साथ रखना बेहद जरूरी है.
उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में स्थित कनाकटा पास एडवेंचर पसंद करने वाले लोगों के लिए एक शानदार ट्रेकिंग डेस्टिनेशन बनता जा रहा है. समुद्र तल से करीब 4550 मीटर की ऊंचाई पर स्थित यह ट्रेक बर्फ से ढके पहाड़ों, खूबसूरत घाटियों और रोमांच से भरपूर रास्तों के लिए जाना जाता है. लेकिन यहां का मौसम पलभर में बदल सकता है और रास्ता कई जगह बेहद कठिन हो जाता है. ऐसे में सही तैयारी के बिना ट्रेक शुरू करना जोखिम भरा साबित हो सकता है.
अगर आप कनाकटा पास ट्रेक पर जा रहे हैं तो इन 8 जरूरी चीजों को अपनी ट्रेकिंग किट में जरूर शामिल करें.
1. हाई एंकल ट्रेकिंग शूज और माइक्रोस्पाइक्स
कनाकटा पास के ऊपरी हिस्सों में सालभर बर्फ या जमी हुई सतह मिल सकती है. ऐसे में सामान्य स्पोर्ट्स शूज पर्याप्त नहीं होते. हाई एंकल ट्रेकिंग शूज टखनों को सहारा देते हैं और फिसलन वाले रास्तों पर बेहतर पकड़ बनाते हैं. वहीं माइक्रोस्पाइक्स बर्फ पर फिसलने का खतरा काफी हद तक कम कर देते हैं.
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2. गैटर्स और ट्रेकिंग पोल
बर्फ, कीचड़ और छोटे पत्थरों से पैरों को सुरक्षित रखने के लिए गैटर्स बेहद जरूरी हैं. ये जूतों के अंदर पानी और बर्फ जाने से रोकते हैं. वहीं ट्रेकिंग पोल चढ़ाई और उतराई के दौरान संतुलन बनाए रखने में मदद करता है और घुटनों पर दबाव कम करता है.
3. गर्म और वाटरप्रूफ कपड़े
ऊंचाई पर मौसम कभी भी बदल सकता है. इसलिए लेयरिंग सिस्टम अपनाना सबसे अच्छा विकल्प है. सबसे पहले थर्मल, उसके ऊपर फ्लीस जैकेट और सबसे बाहर वाटरप्रूफ तथा विंडप्रूफ जैकेट पहनें. साथ में ऊनी टोपी, दस्ताने, गर्म मोजे और रेन कवर भी रखें.
4. हेडलाइट और अतिरिक्त बैटरी
पहाड़ों में अंधेरा जल्दी हो सकता है और कई जगह बिजली की सुविधा नहीं होती. इसलिए मोबाइल की टॉर्च के भरोसे रहने के बजाय अच्छी गुणवत्ता वाली हेडलाइट रखें. अतिरिक्त बैटरी भी साथ रखें ताकि जरूरत पड़ने पर रोशनी की कमी न हो.
5. सनग्लासेस और सनस्क्रीन
ऊंचाई वाले क्षेत्रों में धूप का असर ज्यादा होता है. बर्फ से परावर्तित होने वाली तेज रोशनी आंखों को नुकसान पहुंचा सकती है. इसलिए यूवी प्रोटेक्शन वाले सनग्लासेस पहनें. साथ ही सनस्क्रीन, लिप बाम और टोपी का इस्तेमाल भी करें ताकि त्वचा और होंठ सुरक्षित रहें.
6. फर्स्ट एड किट और जरूरी दवाइयां
हर ट्रेकर के बैग में फर्स्ट एड किट जरूर होनी चाहिए. इसमें बैंडेज, एंटीसेप्टिक क्रीम, दर्द निवारक दवा, मेडिकल टेप, कॉटन और ORS रखें. यदि आपको पहले से कोई बीमारी है तो अपनी नियमित दवाइयां भी पर्याप्त मात्रा में साथ रखें. ऊंचाई से जुड़ी दवाइयां केवल डॉक्टर की सलाह पर ही लें.
7. पानी और एनर्जी फूड
ट्रेकिंग के दौरान शरीर को लगातार ऊर्जा और पानी की जरूरत होती है. अपने साथ पानी की बोतल या हाइड्रेशन पैक रखें. इसके अलावा ड्राई फ्रूट्स, एनर्जी बार, गुड़, चॉकलेट और भुने चने जैसे हल्के स्नैक्स साथ रखें ताकि शरीर में ऊर्जा बनी रहे.
8. मौसम की जानकारी और स्थानीय गाइड
ट्रेक शुरू करने से पहले मौसम का ताजा अपडेट जरूर देखें. भारी बारिश, बर्फबारी या तेज हवा की संभावना हो तो यात्रा टालना बेहतर है. हमेशा स्थानीय गाइड के साथ ट्रेक करें और अपने परिवार या दोस्तों को यात्रा की पूरी जानकारी पहले से दें. समूह में ट्रेक करना अधिक सुरक्षित माना जाता है.
सुरक्षित ट्रेक के लिए इन बातों का भी रखें ध्यान
कनाकटा पास का ट्रेक जितना खूबसूरत है, उतना ही चुनौतीपूर्ण भी है. इसलिए जल्दबाजी करने के बजाय अपनी शारीरिक क्षमता के अनुसार ट्रेक करें. पर्यावरण को स्वच्छ रखें, प्लास्टिक और कचरा पहाड़ों पर न छोड़ें तथा स्थानीय नियमों का पालन करें. सही तैयारी और सतर्कता के साथ किया गया कनाकटा पास ट्रेक आपके जीवन का यादगार अनुभव बन सकता है.