उत्तराखंड: उत्तराखंड के नैनीताल और उत्तरकाशी जिलों में हाल ही में गंदा पानी पीने से सैकड़ों लोग बीमार पड़ गए हैं. इस गंभीर घटना के बाद राज्य सरकार ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पूरे प्रदेश में पेयजल और सीवर व्यवस्था का ऑडिट कराने का निर्देश दिया है. यह रिपोर्ट 15 दिनों के अंदर जमा करनी होगी.
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि हर घर तक साफ और सुरक्षित पेयजल पहुंचाना सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है. उन्होंने सीएम हेल्पलाइन 1905 की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि पेयजल से जुड़ी किसी भी शिकायत पर तुरंत कार्रवाई की जाए. पानी की आपूर्ति में रुकावट, लीकेज या अन्य समस्याएं समय पर हल की जाएं.
मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे तहसीलों का अचानक निरीक्षण करें. दाखिल-खारिज के मामलों को तय समयसीमा में पूरा कराया जाए. भूमि से जुड़ी धोखाधड़ी की शिकायतों को प्राथमिकता दी जाए. जो अधिकारी जन शिकायतों का जल्दी निपटारा करते हैं उन्हें प्रोत्साहित किया जाए, जबकि देरी करने वालों की जवाबदेही तय की जाए.
इसके अलावा मुख्यमंत्री ने स्वाइन फ्लू और जलजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए जरूरी इंतजाम करने को कहा. सभी जिलाधिकारियों को अस्पतालों का नियमित निरीक्षण करने, साफ-सफाई रखने, दवाइयों और मेडिकल सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए.
मुख्यमंत्री ने प्रदेश की सड़कों को गड्ढा मुक्त बनाने का भी आदेश दिया. उन्होंने कहा कि 15 अक्टूबर के बाद वे कभी भी सड़क यात्रा के दौरान अचानक निरीक्षण कर सकते हैं. 'जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार' अभियान के तीसरे चरण को और प्रभावी बनाने के निर्देश भी दिए गए. छात्रवृत्ति में देरी की शिकायतों पर भी जांच बिठाई गई है.
बैठक में प्रमुख सचिव आरके सुधांशु समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे. सरकार का जोर साफ पानी, स्वास्थ्य सुविधाओं और जन शिकायतों के त्वरित समाधान पर है ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों.