कर्णप्रयाग हिंसा केस में बड़ा मोड़! 11 दिन बाद चारों निहंगों को मिली जमानत

कर्णप्रयाग में 16 जून को हुई हिंसक झड़प के बाद गिरफ्तार चार निहंगों को अदालत से जमानत मिल गई है. 11 दिनों से जारी विवाद अब समाप्त हो गया है, जबकि मामले की कानूनी सुनवाई आगे भी जारी रहेगी.

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Kuldeep Sharma

उत्तराखंड के कर्णप्रयाग में निहंगों और स्थानीय लोगों के बीच हुई हिंसक घटना को लेकर शुरू हुआ विवाद आखिरकार शांत हो गया है. 16 जून को हुई झड़प के बाद गिरफ्तार किए गए चार निहंगों को जिला एवं सत्र न्यायालय से जमानत मिलने के बाद आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की गई. इस मामले ने उत्तराखंड, पंजाब और हरियाणा तक राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा बटोरी. कई दौर की बातचीत और मध्यस्थता के बाद दोनों पक्षों के बीच सहमति बनी, जिससे स्थिति सामान्य होने लगी है.

विवाद से समाधान तक का सफर

कर्णप्रयाग में हुई घटना के बाद माहौल लगातार तनावपूर्ण बना हुआ था. चार निहंगों की गिरफ्तारी के विरोध में सिख समुदाय और निहंग संगठनों ने प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाए थे. मामला धीरे-धीरे उत्तराखंड से बाहर भी चर्चा का विषय बन गया. नगरासू गुरुद्वारे में बैठकों का दौर चला और पंजाब से निहंग जत्थों के उत्तराखंड की ओर रवाना होने की खबरें सामने आईं. इस दौरान सीमा क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ाई गई और प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए रहा. आखिरकार बातचीत के जरिए ऐसा रास्ता निकाला गया, जिससे तनाव कम हुआ और आंदोलन समाप्त करने का निर्णय लिया गया.

हरियाणा की पहल से बनी सहमति

विवाद को सुलझाने में हरियाणा सरकार की पहल अहम मानी जा रही है. निहंग प्रतिनिधिमंडल ने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मुलाकात कर अपनी बात रखी थी. इसके बाद मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार तरुण भंडारी ने विभिन्न पक्षों से संपर्क साधा. पांवटा साहिब में निहंग नेताओं के साथ बैठकें हुईं और उत्तराखंड प्रशासन के अधिकारियों से भी लगातार संवाद जारी रहा. कई दौर की चर्चा के बाद यह सहमति बनी कि मामले को कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ाया जाएगा और शांति बनाए रखी जाएगी. इसी सहमति के बाद आंदोलन समाप्त करने का फैसला लिया गया.


जमानत के बाद भी जारी रहेगी सुनवाई

शनिवार को अदालत ने गिरफ्तार चारों निहंगों को जमानत दे दी. हालांकि इससे मामला खत्म नहीं हुआ है. अदालत में दर्ज मुकदमे की सुनवाई आगे भी जारी रहेगी और जांच प्रक्रिया भी अपने निर्धारित नियमों के अनुसार चलेगी. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून के अनुसार सभी पक्षों की बात सुनी जाएगी. वहीं निहंग संगठनों ने भी भरोसा दिलाया है कि वे न्यायिक प्रक्रिया में पूरा सहयोग करेंगे. जमानत मिलने के बाद संबंधित लोग अपने घरों की ओर लौट रहे हैं, जबकि हेमकुंड साहिब यात्रा भी पहले की तरह जारी रहेगी.

16 जून की घटना और आगे की जांच

पूरा विवाद 16 जून को कर्णप्रयाग बाजार में शुरू हुआ था. हेमकुंड साहिब यात्रा से लौट रहे कुछ निहंगों की बाइक एक कार से टकराने के बाद दोनों पक्षों में विवाद हुआ, जो बाद में हिंसक झड़प में बदल गया. घटना में कई लोग घायल हुए थे और एक गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को एयरलिफ्ट कर ऋषिकेश भेजना पड़ा था. इसके बाद स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन भी किया. पुलिस ने चार निहंगों को गिरफ्तार कर गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था. बाद में दूसरे पक्ष की शिकायत पर भी अलग एफआईआर दर्ज हुई. निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए दोनों मामलों की जांच हरिद्वार स्थानांतरित कर दी गई है और वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में आगे की कार्रवाई जारी है.