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जालंधर पुलिस का बड़ा एक्शन, डॉनी बाल गैंग के दो गुर्गे हथियारों समेत गिरफ्तार

जालंधर ग्रामीण पुलिस ने विशेष अभियान में डॉनी बाल गैंग के दो कथित सदस्यों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों के कब्जे से कई अवैध हथियार, कारतूस और एक कार बरामद हुई. पुलिस गैंग के नेटवर्क की जांच कर रही है.

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Kanhaiya Kumar Jha

चंडीगढ़: पंजाब में संगठित अपराध और अवैध हथियारों के खिलाफ चल रही कार्रवाई के तहत जालंधर ग्रामीण पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. CIA टीम ने एक गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए कुख्यात डॉनी बाल गैंग से जुड़े दो आरोपियों को गिरफ्तार किया. पुलिस का दावा है कि दोनों किसी बड़ी वारदात की तैयारी में थे. गिरफ्तारी के दौरान भारी मात्रा में हथियार और कारतूस बरामद किए गए हैं. मामले की जांच अब गैंग के व्यापक नेटवर्क तक पहुंचने के लिए आगे बढ़ाई जा रही है.

पुलिस अधिकारियों के अनुसार CIA टीम को सूचना मिली थी कि कुछ संदिग्ध व्यक्ति इलाके में अवैध हथियारों के साथ घूम रहे हैं. सूचना मिलते ही विभिन्न स्थानों पर नाकेबंदी की गई. जांच के दौरान एक स्विफ्ट कार को रोका गया, जिसमें सवार दो लोगों को हिरासत में लिया गया. तलाशी में उनके पास से कई हथियार और कारतूस बरामद हुए.


हथियारों का बड़ा जखीरा बरामद

गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से एक .30 बोर पिस्तौल, एक 12 बोर पंप-एक्शन गन, एक .32 बोर पिस्तौल, तीन मैगजीन और कई जिंदा कारतूस बरामद किए गए. पुलिस का मानना है कि इन हथियारों का इस्तेमाल किसी गंभीर आपराधिक घटना में किया जा सकता था. बरामदगी को जांच में महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

आरोपियों का आपराधिक इतिहास

पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार सुखजिंदर सिंह उर्फ बिट्टू और मनीष उर्फ जानसा के खिलाफ पहले से कई गंभीर मामले दर्ज हैं. इनमें हत्या, हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट और एनडीपीएस एक्ट से जुड़े अपराध शामिल हैं. दोनों लंबे समय से पुलिस की निगरानी में थे और उनके आपराधिक संबंधों की भी जांच की जा रही थी.

जेल से शुरू हुआ गैंग का संपर्क

जांच में सामने आया कि सुखजिंदर सिंह की मुलाकात वर्ष 2017 में अमृतसर जेल में डॉनी बाल से हुई थी. पुलिस का दावा है कि इसके बाद दोनों ने मिलकर अपना नेटवर्क तैयार किया. जांच एजेंसियों का मानना है कि यह नेटवर्क विभिन्न आपराधिक गतिविधियों और गैंगवार से भी जुड़ा रहा है.

नेटवर्क और सप्लाई चैन की जांच जारी

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों को हथियार कहां से मिल रहे थे और उनके संपर्क किन अन्य लोगों से थे. अधिकारियों का कहना है कि गैंग से जुड़े अन्य संदिग्धों की पहचान की जा रही है. साथ ही अवैध हथियारों की सप्लाई चेन और संभावित सहयोगियों तक पहुंचने के लिए जांच का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है.