देहरादून: चमोली पुलिस को वाहन चोरी के मामलों में बड़ी सफलता मिली है. जिले में अलग-अलग जगहों से चोरी हुई मोटरसाइकिलों की जांच के दौरान पुलिस ने एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया, जिसके तार नेपाल से जुड़े पाए गए. लंबी पड़ताल, सैकड़ों सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया. इस कार्रवाई में लाखों रुपये मूल्य की चोरी की गई मोटरसाइकिलें बरामद हुई हैं. पुलिस अब गिरोह के अन्य संभावित सदस्यों और नेटवर्क की भी जांच कर रही है.
नारायणबगड़ और थराली क्षेत्र में मोटरसाइकिल चोरी की घटनाओं ने पुलिस के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी थी. 28 अप्रैल को केटीएम आरसी-200 और 22 मई को पल्सर आरएस-200 चोरी होने के बाद लोगों में चिंता बढ़ गई थी. मामलों की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पँवार के निर्देश पर विशेष जांच टीम गठित की गई. टीम को जल्द से जल्द आरोपियों तक पहुंचने का जिम्मा सौंपा गया.
जांच के दौरान पुलिस ने चमोली के अलावा अल्मोड़ा, नैनीताल, चंपावत और बागेश्वर जिलों में लगे लगभग 400 से 500 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का विश्लेषण किया. इस प्रक्रिया में पुलिस को कई अहम सुराग मिले. जांच में सामने आया कि चोरी की गई बाइकों को नेपाल से जुड़े कुछ लोग उत्तराखंड के अलग-अलग क्षेत्रों में ले जा रहे थे. इसी जानकारी के आधार पर पुलिस ने आगे की कार्रवाई तेज की.
पुलिस ने मुख्य आरोपी देव भण्डारा को सुल्तानपुर क्षेत्र से गिरफ्तार किया. वह नेपाल के सुरखेत का निवासी बताया गया है. उसके सहयोगी प्रेम बहादुर को थराली क्षेत्र से पकड़ा गया. पूछताछ में दोनों ने कई अहम जानकारियां दीं. उनकी निशानदेही पर चोरी की गई केटीएम और पल्सर मोटरसाइकिलें बरामद कर ली गईं. पुलिस का मानना है कि गिरोह लंबे समय से इस तरह की गतिविधियों में शामिल था.
जांच में यह भी सामने आया कि चोरी की गई केटीएम बाइक को अल्मोड़ा निवासी पीयूष आर्य ने खरीदा था. पुलिस के अनुसार उसे बाइक के चोरी होने की जानकारी थी. बाद में उसने यह वाहन कुनाल सिंह बिष्ट को बेच दिया. चोरी की संपत्ति की खरीद-फरोख्त में भूमिका सामने आने पर दोनों को भी गिरफ्तार कर लिया गया. सभी आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है.
दूसरे मामले में बद्रीनाथ धाम के माणा प्रवेश द्वार के पास से चोरी हुई हीरो स्प्लेंडर मोटरसाइकिल को गौचर पुलिस ने मात्र 24 घंटे के भीतर बरामद कर लिया. वाहन के साथ पकड़े गए 14 वर्षीय किशोर ने पूछताछ में हरिद्वार और बद्रीनाथ क्षेत्र से बाइक चोरी करने की बात स्वीकार की. किशोर को किशोर न्याय अधिनियम के तहत संरक्षण में लिया गया है. पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है.