Nainital Mall Road No Horn Zone: नैनीताल की मालरोड पर बजाया हॉर्न तो पड़ेगा भारी, आज से लागू हुआ नया नियम
उत्तराखंड के नैनीताल में मालरोड को 1 अगस्त से आधिकारिक तौर पर 'नो हॉर्न जोन' घोषित कर दिया गया है. जिला प्रशासन के निर्देश पर फिलहाल वाहन चालकों को नियमों के प्रति जागरूक किया जा रहा है.
नैनीताल: उत्तराखंड के नैनीताल में ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है. शहर की प्रसिद्ध मालरोड को 1 अगस्त से 'नो हॉर्न जोन' घोषित कर दिया गया है. आदेश लागू होने के साथ ही परिवहन विभाग ने मौके पर अभियान शुरू कर दिया है. फिलहाल वाहन चालकों को नियमों की जानकारी देकर जागरूक किया जा रहा है. प्रशासन का उद्देश्य मालरोड क्षेत्र में अनावश्यक हॉर्न बजाने की प्रवृत्ति पर रोक लगाना है. इसके लिए पिछले दो सप्ताह से सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से लोगों को लगातार जागरूक किया जा रहा था. अब आदेश प्रभावी होने के बाद विभागीय टीमें सड़क पर उतरकर नियमों का पालन सुनिश्चित कराने में जुट गई हैं.
मालरोड पर लागू हुआ 'नो हॉर्न जोन' नियम
जिला प्रशासन ने ध्वनि प्रदूषण कम करने के उद्देश्य से मालरोड को 'नो हॉर्न जोन' घोषित किया है. 1 अगस्त से यह आदेश प्रभावी हो गया है. प्रशासन का मानना है कि इस कदम से क्षेत्र में अनावश्यक शोर कम होगा और स्थानीय लोगों के साथ पर्यटकों को भी शांत वातावरण मिलेगा.
दो सप्ताह से चल रहा था जागरूकता अभियान
आदेश लागू होने से पहले प्रशासन ने व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया. इंटरनेट मीडिया के माध्यम से संदेश प्रसारित किए गए. इसके अलावा मालरोड और उसके प्रवेश मार्गों पर फ्लेक्स और सूचना बोर्ड लगाए गए, ताकि वाहन चालक नए नियम से पहले ही परिचित हो सकें.
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सड़क पर उतरकर समझा रहे हैं अधिकारी
आदेश लागू होने के बाद परिवहन विभाग की टीमें तल्लीताल से मल्लीताल तक अभियान चला रही हैं. परिवहन कर अधिकारी एन.के. आर्या और जगदीश चंद्र के नेतृत्व में कर्मचारी वाहनों को रोककर चालकों को 'नो हॉर्न जोन' के नियमों की जानकारी दे रहे हैं. मुनादी के माध्यम से भी लोगों से सहयोग की अपील की जा रही है.
अभी केवल जागरूकता, बाद में होगा चालान
परिवहन विभाग के अनुसार फिलहाल किसी वाहन चालक पर जुर्माना नहीं लगाया जा रहा है. पहले चरण में लोगों को नियमों के प्रति जागरूक किया जा रहा है. अधिकारियों का कहना है कि जागरूकता अभियान पूरा होने के बाद नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ चालानी कार्रवाई शुरू की जाएगी.
ध्वनि प्रदूषण रोकने की दिशा में अहम पहल
प्रशासन का मानना है कि 'नो हॉर्न जोन' व्यवस्था से मालरोड पर ध्वनि प्रदूषण में कमी आएगी. यदि लोगों का सहयोग मिला तो यह व्यवस्था प्रभावी साबित हो सकती है. प्रशासन ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे नियमों का पालन करें और बिना आवश्यकता हॉर्न बजाने से बचें.