उत्तराखंड में खेल प्रतिभाओं को आगे लाने के लिए खेल महाकुंभ की तैयारियां तेज हो गई हैं. युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल विभाग ने आयोजन की पूरी योजना जारी कर दी है. करीब दो महीने तक चलने वाली प्रतियोगिताओं की शुरुआत न्याय पंचायत स्तर से होगी. इसके बाद खिलाड़ी विधानसभा और संसदीय क्षेत्र स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाएंगे. प्रतियोगिताओं का अंतिम चरण राज्य स्तर पर होगा. अलग-अलग आयु वर्ग के अलावा महिलाओं और दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए भी मुकाबले रखे गए हैं.
स्थानीय जनप्रतिनिधि खेलकूद प्रतियोगिताएं 1 से 10 सितंबर तक न्याय पंचायत स्तर पर आयोजित होंगी. इनमें अंडर-14 और अंडर-19 बालक-बालिका वर्ग के खिलाड़ी हिस्सा लेंगे. कबड्डी, एथलेटिक्स, खो-खो और मुर्गा झपट जैसी प्रतियोगिताएं कराई जाएंगी. इस चरण का उद्देश्य गांवों और दूरदराज क्षेत्रों में मौजूद प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को सामने लाना है.
न्याय पंचायत चरण के बाद 11 से 20 सितंबर तक विधानसभा क्षेत्र स्तर पर विधायक चैंपियनशिप ट्रॉफी होगी. इस दौरान वालीबॉल और पिट्टू की प्रतियोगिताएं सीधे आयोजित की जाएंगी. अन्य मुकाबलों के लिए न्याय पंचायत स्तर पर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों का चयन किया जाएगा. इस चरण में खिलाड़ियों को बड़े स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने का अवसर मिलेगा.
संसदीय क्षेत्र स्तर की सांसद चैंपियनशिप ट्रॉफी 21 से 30 सितंबर तक आयोजित होगी. इसमें मलखंब, रस्साकसी, गोली यानी कंचा, फुटबाल और बैडमिंटन शामिल हैं. कुछ प्रतियोगिताओं में खिलाड़ी सीधे भाग ले सकेंगे, जबकि अन्य में विधानसभा स्तर से चयनित प्रतिभागी आगे बढ़ेंगे. इससे स्थानीय स्तर पर अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को राज्य स्तरीय मंच तक पहुंचने का मौका मिलेगा.
मुख्यमंत्री चैंपियनशिप ट्रॉफी के तहत राज्य स्तरीय प्रतियोगिताएं 10 सितंबर से 30 अक्टूबर तक चलेंगी. युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल विभाग ने आयोजन को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के अनुसार, खेल महाकुंभ का उद्देश्य प्रदेश की खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करना है. इससे ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के खिलाड़ियों को राज्य और राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं तक पहुंचने का अवसर मिलेगा.