कैलास मानसरोवर यात्रियों को बड़ा झटका! इस बार भी नहीं लगा सकेंगे पवित्र झील में डुबकी

कैलास मानसरोवर यात्रा शुरू हो गई है. यात्रियों की दस्तावेजी और स्वास्थ्य संबंधी औपचारिकताएं दिल्ली में पूरी की जा रही हैं. चीन की पाबंदी के चलते श्रद्धालु मानसरोवर झील में स्नान नहीं कर सकेंगे.

social media
Kuldeep Sharma

हिंदुओं की सबसे पवित्र यात्राओं में गिनी जाने वाली कैलास मानसरोवर यात्रा का इस वर्ष औपचारिक आगाज हो गया है. पहले जत्थे के यात्रियों की आवश्यक प्रक्रियाएं दिल्ली में पूरी की जा रही हैं. हालांकि इस बार भी श्रद्धालुओं को मानसरोवर झील में डुबकी लगाने की अनुमति नहीं मिलेगी.

दिल्ली में पूरी हो रही जरूरी तैयारियां

विदेश मंत्रालय के अनुसार, पहले दल के यात्रियों के लिए पासपोर्ट सत्यापन, वीजा मंजूरी और स्वास्थ्य जांच जैसी जरूरी प्रक्रियाएं दिल्ली में पूरी की जा रही हैं. यह प्रक्रिया तीन जुलाई तक चलेगी. इसके बाद चार जुलाई को यात्रियों का पहला जत्था नई दिल्ली से उत्तराखंड के टनकपुर के लिए रवाना होगा. यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए सभी तैयारियां पहले ही पूरी कर ली गई हैं.

मानसरोवर झील में स्नान पर रोक बरकरार

यात्रा से जुड़ी सबसे महत्वपूर्ण जानकारी यह है कि श्रद्धालु इस बार भी मानसरोवर झील में स्नान नहीं कर पाएंगे. चीनी प्रशासन ने वर्ष 2018 से झील में डुबकी लगाने पर रोक लगा रखी है, जो अभी भी लागू है. विदेश मंत्रालय ने यात्रियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे इस नियम का पालन करें और यात्रा के दौरान अपने समूह से अलग न हों.


टनकपुर से आगे ऐसे होगा सफर

यात्रियों को नई दिल्ली से टनकपुर और फिर टनकपुर से धारचूला तक टेम्पो ट्रैवलर के जरिए पहुंचाया जाएगा. इसके बाद पहाड़ी मार्गों पर गुंजी और नाभीढांग तक का सफर जीप से कराया जाएगा. कुमाऊं मंडल विकास निगम ने बताया है कि ठहरने और परिवहन की सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं, ताकि श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े.