अब नहीं लगाने पड़ेंगे सरकारी दफ्तरों के चक्कर, पंजाब सरकार ने आज से लागू किया बड़ा डिजिटल सिस्टम
पंजाब सरकार ने 1 जुलाई से राज्य के 23 सिविल सर्जन कार्यालयों में ई-ऑफिस सिस्टम लागू कर दिया है. नई व्यवस्था के तहत छुट्टियां, शिकायतें, कोर्ट केस और अन्य कार्यालयी फाइलों का निपटारा डिजिटल माध्यम से होगा.
पंजाब के स्वास्थ्य विभाग ने प्रशासनिक कामकाज को तेज और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. राज्य के सभी 23 जिलों के सिविल सर्जन कार्यालयों में 1 जुलाई से ई-ऑफिस सिस्टम लागू कर दिया गया है. इस नई व्यवस्था के जरिए कर्मचारियों और अधिकारियों के कई कार्यालयी कार्य अब ऑनलाइन किए जाएंगे, जिससे फाइलों के निपटारे की प्रक्रिया पहले से अधिक तेज होने की उम्मीद है.
राज्य स्तर पर ई-ऑफिस प्रणाली के सफल संचालन के बाद अब इसे जिला स्तर तक विस्तार दिया गया है. विभाग के अनुसार, सभी सिविल सर्जनों की आईडी पहले ही तैयार कर ली गई है, जबकि अन्य कर्मचारियों की आईडी बनाने की प्रक्रिया जारी है. पूरी व्यवस्था दो चरणों में लागू की जाएगी ताकि सभी कार्यालय इस डिजिटल सिस्टम से जुड़ सकें.
हर जिले में बनेगी ई-ऑफिस निगरानी टीम
नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक सिविल सर्जन कार्यालय में एक कर्मचारी विशेष रूप से ई-ऑफिस सिस्टम के संचालन और शिकायतों के निपटारे के लिए नियुक्त किया जाएगा. बाद के चरण में अन्य कर्मचारियों को भी इस प्रणाली का प्रशिक्षण दिया जाएगा. विभाग का उद्देश्य सभी प्रशासनिक प्रक्रियाओं को डिजिटल बनाकर कार्यों में तेजी और जवाबदेही सुनिश्चित करना है.
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80 हजार कर्मचारियों को मिलेगा सीधा लाभ
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि इस डिजिटल व्यवस्था से करीब 80 हजार कर्मचारियों को फायदा होगा. कर्मचारियों को छुट्टियों, शिकायतों और अन्य प्रशासनिक कार्यों के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे. इससे समय की बचत होगी और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े कर्मचारी मरीजों को अधिक समय दे सकेंगे.
प्रमोशन और एनओसी जैसी फाइलें भी होंगी ऑनलाइन
ई-ऑफिस सिस्टम पूरी तरह लागू होने के बाद प्रमोशन, एनओसी, एमएसीपी और अन्य प्रशासनिक फाइलों की प्रक्रिया भी ऑनलाइन होगी. इन फाइलों को डिजिटल माध्यम से डीएचएस कार्यालय भेजा जाएगा. इससे फाइलों की आवाजाही तेज होगी और अनावश्यक देरी की संभावना कम हो जाएगी.
लोन और वित्तीय मामलों का भी होगा डिजिटल निपटारा
विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, कर्मचारियों से जुड़े एडवांस, लोन और अन्य वित्तीय मामलों की फाइलें भी इसी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से संसाधित की जाएंगी. इसके अलावा विभाग समय-समय पर जिन प्रशासनिक श्रेणियों को तय करेगा, उनका काम भी इसी प्रणाली के जरिए किया जाएगा. इससे पूरी प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित होने की उम्मीद है.
पारदर्शिता और बेहतर प्रशासन पर रहेगा जोर
स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि ई-ऑफिस प्रणाली से फाइलों की ट्रैकिंग आसान होगी और प्रशासनिक कामकाज अधिक पारदर्शी बनेगा. डिजिटल रिकॉर्ड के कारण कार्यों की निगरानी भी सरल होगी. विभाग का लक्ष्य आने वाले समय में इस व्यवस्था को और मजबूत बनाकर सभी कार्यालयी प्रक्रियाओं को पूरी तरह ऑनलाइन करना है.