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जौनसार बावर को लगेंगे विकास के पंख, पीएम मोदी के विजन और सीएम धामी के प्रयासों से जनजातीय समाज का चहुंमुखी विकास

उत्तराखंड के सीमांत और जनजातीय क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है. इन्हीं प्रयासों का नतीजा है कि जौनसार बावर क्षेत्र अब चहुंमुखी विकास की नई मिसाल बन रहा है.

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Edited By: Antima Pal
जौनसार बावर को लगेंगे विकास के पंख, पीएम मोदी के विजन और सीएम धामी के प्रयासों से जनजातीय समाज का चहुंमुखी विकास
Courtesy: Pinterest

देहरादून: उत्तराखंड के सीमांत और जनजातीय क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है. इन्हीं प्रयासों का नतीजा है कि जौनसार बावर क्षेत्र अब चहुंमुखी विकास की नई मिसाल बन रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन और मुख्यमंत्री धामी के संकल्प से यह पहाड़ी इलाका तेजी से बदल रहा है.

प्रधानमंत्री जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान (पीएमजेएयूजीए) के तहत जौनसार बावर के 128 गांवों का कायाकल्प हो रहा है. इन गांवों में बुनियादी सुविधाएं जैसे सड़क, पानी, बिजली, स्वास्थ्य केंद्र और शिक्षा की बेहतर व्यवस्था की जा रही है. सरकार का लक्ष्य है कि जनजातीय समाज के लोग भी राज्य के अन्य हिस्सों की तरह आधुनिक सुविधाओं का लाभ उठा सकें.

सड़क विकास को मिला बड़ा बजट

क्षेत्र की रोड कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए ₹1,300 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है. इससे दूरस्थ गांवों तक पहुंच आसान होगी, स्थानीय उत्पादों की बाजार पहुंच बढ़ेगी और पर्यटन भी बढ़ावा मिलेगा. साथ ही चकराता पंपिंग योजना पर ₹229 करोड़ खर्च किए जा रहे हैं. इस योजना पर युद्धस्तर पर काम चल रहा है, जिससे क्षेत्र में सिंचाई और पेयजल की समस्या काफी हद तक हल हो जाएगी.

चकराता क्षेत्र में विकास कार्यों की रफ्तार सराहनीय है. यहां कुल 56 स्वीकृत विकास कार्यों में से 51 कार्य पूरे कर लिए गए हैं. बाकी बचे कार्यों को भी जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं. सड़कों, पुलों, स्कूल भवनों और स्वास्थ्य केंद्रों का निर्माण तेजी से हो रहा है.

बेटियों का उज्ज्वल भविष्य

महिलाओं और बालिकाओं के सशक्तिकरण पर खास ध्यान दिया जा रहा है. जौनसार बावर की बेटियों को शादी के लिए ₹50,000 की विवाह सहायता दी जा रही है. इसके अलावा पोस्ट ग्रेजुएट स्तर तक मुफ्त शिक्षा और छात्रवृत्ति की व्यवस्था की गई है. इससे लड़कियां उच्च शिक्षा प्राप्त कर आत्मनिर्भर बन सकेंगी.

सांस्कृतिक पहचान और खेल का सम्मान

जनजातीय संस्कृति को संरक्षित रखते हुए हर साल जनजातीय खेल महोत्सव का आयोजन किया जाएगा. इसमें स्थानीय खेलों को बढ़ावा मिलेगा और युवाओं को नई ऊर्जा मिलेगी. यह महोत्सव न सिर्फ खेल प्रतिभाओं को निखारेगा बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक धरोहर को भी देश-दुनिया तक पहुंचाएगा. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का कहना है कि जौनसार बावर के विकास में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी जाएगी.