देहरादून: शहर में इन्फ्लुएंजा H1N1 के नौ मरीज मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों को सतर्क कर दिया है. जिले में अब 49 लोगों में इन्फ्लुएंजा H1N1 संक्रमण की पुष्टि हुई है. इनमें 10 मरीजों का उपचार चल रहा है, जबकि 30 लोग स्वस्थ हो चुके हैं. विभाग के अनुसार पांच संक्रमितों की मौत हुई है और सभी को अन्य बीमारियां थीं. मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अस्पतालों में तैयारियां करने के निर्देश दिए गए हैं.
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार मंगलवार को 15 नमूनों की जांच की गई थी. इनमें नौ लोगों में इन्फ्लुएंजा H1N1 संक्रमण की पुष्टि हुई. इन मरीजों में देहरादून के साथ दूसरे जिलों के लोग भी शामिल हैं. दो मरीज एक निजी अस्पताल में, जबकि सात मरीज दूसरे निजी अस्पताल में भर्ती हैं. जिले में अब तक एच1एन1 के 118 नमूने लिए जा चुके हैं. इनमें 49 लोगों की जांच रिपोर्ट संक्रमित आई है. इन 49 मरीजों में 34 देहरादून के और 15 दूसरे जिलों के हैं. 30 मरीज उपचार के बाद स्वस्थ हो चुके हैं, जबकि 10 का अस्पताल में इलाज चल रहा है.
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक इन्फ्लुएंजा संक्रमण से अब तक पांच मरीजों की मौत हुई है. अधिकारियों के अनुसार इन सभी मरीजों को पहले से अन्य गंभीर बीमारियां थीं. इस वजह से स्वास्थ्य विभाग लगातार अस्पतालों में भर्ती मरीजों की निगरानी कर रहा है. खासकर गंभीर लक्षण वाले मरीजों की जांच और उपचार पर ध्यान देने को कहा गया है.
देहरादून में कोरोना संक्रमण की भी निगरानी जारी है. मंगलवार को कोविड जांच के लिए सात नमूने लिए गए, लेकिन इनमें किसी मरीज की रिपोर्ट संक्रमित नहीं आई. अब तक 89 नमूनों की जांच में 16 मरीजों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है. इनमें 12 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं और चार मरीजों का अस्पताल में उपचार चल रहा है. अब तक कोविड संक्रमण से किसी मरीज की मौत नहीं हुई है. स्वास्थ्य विभाग दोनों तरह के श्वसन संक्रमण पर नजर बनाए हुए है.
इन्फ्लुएंजा और सांस से जुड़ी बीमारियों के बढ़ते मामलों को देखते हुए सरकारी और निजी अस्पतालों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं. मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज कुमार शर्मा ने अस्पतालों में जरूरी सुविधाएं उपलब्ध रखने को कहा है.
अस्पतालों को इन व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं;
स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों को सांस से जुड़ी बीमारी वाले मरीजों की लगातार निगरानी करने को कहा है. गंभीर लक्षण दिखाई देने पर नमूने लेकर जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं. किसी इलाके में अचानक बड़ी संख्या में मरीज मिलने पर तत्काल कार्रवाई करने को कहा गया है. विभाग का उद्देश्य संक्रमण को समय रहते पहचानना और गंभीर मरीजों को तुरंत उपचार उपलब्ध कराना है.