रुड़की: लंबे समय से मालखानों में जमा अवैध हथियारों के निस्तारण की दिशा में मंगलौर कोतवाली पुलिस ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है. न्यायालय से फैसला हो चुके मामलों से जुड़े हथियारों को नियमानुसार नष्ट करने की प्रक्रिया पूरी की गई. इस कार्रवाई के तहत तमंचों और धारदार हथियारों को बुलडोजर की मदद से नष्ट किया गया. प्रशासन का कहना है कि इससे न केवल रिकॉर्ड व्यवस्थित होंगे बल्कि सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी. पूरी कार्रवाई अधिकारियों की निगरानी में संपन्न हुई.
कोतवाली में पिछले कई वर्षों से ऐसे हथियार सुरक्षित रखे गए थे, जो विभिन्न आपराधिक मामलों में बरामद किए गए थे. इनमें से कई मामलों का न्यायालय में अंतिम निपटारा हो चुका था. नियमानुसार ऐसे हथियारों को हमेशा के लिए नष्ट करना आवश्यक होता है. इसी प्रक्रिया के तहत यह विशेष अभियान चलाया गया.
ज्वाइंट मजिस्ट्रेट दीपक रामचंद्र शेट और पुलिस अधीक्षक ग्रामीण शेखर चंद्र सुयाल के निर्देशन में पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया गया. वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में मालखाने से हथियार बाहर निकाले गए. इसके बाद निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए उनके विनाश की कार्रवाई शुरू की गई.
कार्रवाई के दौरान कुल 63 अवैध हथियारों को नष्ट किया गया. इनमें तमंचों के साथ कई धारदार चाकू भी शामिल थे. कोतवाली परिसर में बुलडोजर चलाकर इन्हें पूरी तरह क्षतिग्रस्त किया गया, ताकि भविष्य में इनका किसी भी रूप में उपयोग संभव न रहे.
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि हथियारों के निस्तारण की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी तरीके से की गई. इसके लिए पहले समिति का गठन किया गया था. समिति की निगरानी में सूची का सत्यापन किया गया और उसके बाद हथियारों को नष्ट किया गया. इससे प्रशासनिक रिकॉर्ड भी अद्यतन हो सकेगा.
इस मौके पर क्षेत्राधिकारी अभिनय चौधरी, कोतवाली प्रभारी निरीक्षक भगवान महर समेत कई प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौजूद रहे. अधिकारियों ने कहा कि भविष्य में भी न्यायालय से निस्तारित मामलों से जुड़े जब्त सामानों का समयबद्ध निस्तारण किया जाएगा, ताकि मालखानों में अनावश्यक वस्तुओं का बोझ कम हो और व्यवस्था बेहतर बनी रहे.