नैनीताल में ब्रिटिश काल की ऐतिहासिक धरोहर जलकर हुई खाक, ग्लेनमोर कोठी में लगी भीषण आग से हुआ लाखों का नुकसान

नैनीताल के सात नंबर क्षेत्र में ब्रिटिश काल की प्रसिद्ध ग्लेनमोर कोठी रविवार को भीषण आग की चपेट में आ गई. पूरी तरह लकड़ी से बनी यह ऐतिहासिक इमारत कुछ ही घंटों में जलकर खाक हो गई. गनीमत रही कि घर में कोई नहीं था, इसलिए कोई जान-माल का नुकसान नहीं हुआ. 

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Kuldeep Sharma

नैनीताल की सैरगाहों और इतिहास से जुड़ी ग्लेनमोर कोठी अब सिर्फ राख का ढेर बनकर रह गई है. ब्रिटिशकालीन वास्तुकला का यह खूबसूरत नमूना आग की लपटों में कुछ पलों में समा गया. घटना के समय कोठी में रहने वाले परिवार गुरुग्राम में थे. जैसे ही वे लौटे, धुएं की सूचना मिली और दरवाजा खोलते ही भीषण आग दिखी.

आसपास के लोग तुरंत मदद को आगे आए. दमकल, पुलिस और एसडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंचीं, लेकिन संकरी गलियों और पुराने ढांचे ने बचाव कार्य को चुनौतीपूर्ण बना दिया. लाखों रुपये की संपत्ति और एक अमूल्य धरोहर का नुकसान हुआ है.

तेजी से फैली आग

ललित तिवारी और चंद्रा तिवारी जैसे ही घर पहुंचे, लोगों ने धुआं निकलने की खबर दी. दरवाजा खुलते ही आग की लपटें दिखीं. तेज हवा और लकड़ी के पुराने ढांचे ने आग को मिनटों में पूरे भवन में फैला दिया. आसपास के लोगों ने बिस्तर, गैस सिलेंडर और अन्य सामान बाहर निकाला, लेकिन आग रोक पाना असंभव हो गया. भवन पूरी तरह जलकर राख हो गया. 

दमकल की कोशिशें बेकार

सूचना मिलते ही दमकल विभाग, पुलिस और एसडीआरएफ पहुंचे. आग की ऊंची लपटों के सामने पानी की बौछारें बेअसर रहीं. संकरी सड़कों के कारण बड़े फायर टेंडर नहीं पहुंच सके. बाद में छोटे टैंकर और जल संस्थान के वाहन आए, लेकिन तब तक कोठी का ज्यादातर हिस्सा नष्ट हो चुका था. अग्निशमन अधिकारी ने बताया कि भवन पहले से ही आग के प्रति संवेदनशील था.

स्थानीय लोगों की बहादुरी

आग आउटहाउस की ओर बढ़ रही थी, जिससे घनी आबादी में बड़ा हादसा होने का खतरा मंडरा रहा था. स्थानीय निवासियों ने तत्परता दिखाई और मुख्य भवन व आउटहाउस के बीच की छत को तोड़ दिया. इससे आग आगे नहीं फैल सकी. लोगों की समझदारी और साहस से आसपास के घर और बस्ती बच गई.

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कारणों पर संशय

आग का सटीक कारण अभी स्पष्ट नहीं हुआ है. शॉर्ट सर्किट या बिजली की खराबी की आशंका जताई जा रही है. कुछ लोग पिछली हिस्से को नशेड़ियों के अड्डे के रूप में देखते हुए आग लगाने की शरारत की बात कह रहे हैं. हाल ही में दमकल विभाग ने जर्जर भवनों को नोटिस जारी किया था, जिसमें ग्लेनमोर कोठी को भी अग्नि सुरक्षा उपकरण लगाने के निर्देश दिए गए थे.